बलरामपुर। पति-पत्नी के बीच छोटे-मोटे विवादों को निस्तारित कराने के लिए महिला थाना सभागार में रविवार को सुनवाई की गई। परामर्श केंद्र की बैठक में 25 शिकायतों से जुड़े दोनों पक्ष बुलाए गए। छह मामलों में दोनों पक्ष सुनवाई के लिए उपस्थित हुए। समझा-बुझाकर तीन मामलों में सुलह कराई गई।
सुनवाई के दौरान ललिया क्षेत्र के एक गांव की महिला ने परिवार परामर्श केंद्र में अर्जी दी। बताया कि घर में आए दिन झगड़ा होने से रिश्ता टूटने लगा। परामर्शदाताओं ने पति-पत्नी को समझाया-बुझाया। समझाने पर दोनों साथ रहने के लिए राजी हो गए। सुलह के बाद पति-पत्नी को परिवार परामर्श केंद्र से विदा किया गया। नगर क्षेत्र के एक मोहल्ले की महिला ने ससुराल वालों पर प्रताड़ना का आरोप लगाया। बताया कि करीब पांच वर्ष पहले शादी हुई। तबसे दहेज व अन्य छोटी-मोटी बातों को लेकर सास अक्सर प्रताड़ित करती हैं। इसी के चलते मेरा रिश्ता पति से टूटने लगा। परामर्श केंद्र में सुलह न होने पर प्राथमिकी दर्ज करा दी गई है। परामर्शदाता अरुण कुमार यादव, देवतादीन दुबे, वंदना मिश्रा, तनवीर जहां, महिला थाने की प्रभारी पूनम यादव, महिला सिपाही हेमा भारती व गुलअफ्शाबानों ने पति-पत्नी को मिल-जुलकर एक साथ रहने के तौर-तरीके बताए। पति-पत्नी को आपस में विवाद न करने की सलाह दी।
फिर बुलाए जाएंगे 20 मामलों के दोनों पक्ष
जिन 23 मामलों में पति-पत्नी के बीच समझौता नहीं हाे सका है, उन्हें अगली सुनवाई में भी बुलाया जाएगा। कुछ मामलों में दूसरे पक्ष से जुड़े लोग नहीं आए थे, उन्हें भी बुलाने के लिए संबंधित थानों को सूचना दी गई है। छह मामलों में दोनों पक्ष आए। तीन मामले में सुलह हो गई। दोनों पक्ष की लिखापढ़ी कराकर परामर्श केंद्र से विदा किया गया। 15 दिन में महिला थाने से खैरियत भी जानी जाएगी, ताकि दोबारा विवाद न हो।
-विशाल पांडेय, एएसपी