फोटो-34-बलरामपुर में विकास कार्यों का निरीक्षण करते डीएम व अन्य ।-स्रोत : विभाग
- फोटो : गांव रावतखेड़ा में पूर्व सांसद कुलदीप बिश्नोई और नलवा के विधायक रणधीर पनिहार का स्वागत करते ग्रामीण। स्रोत : आयोजक
बलरामपुर। शहर के विस्तार के साथ बढ़ते यातायात और प्रदूषण को देखते हुए प्रशासन ने पर्यावरण संरक्षण और रिंग रोड के निर्माण में तेजी लाने की पहल की है। उतरौला-बहराइच बाईपास पर सीमित जगह में सघन हरियाली विकसित करने के लिए मियावाकी पद्धति से ग्रीन जोन तैयार किया जा रहा है। वहीं, जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने निर्माणाधीन रिंग रोड के अंतिम छोर बिजलीपुर का निरीक्षण कर ओवरब्रिज और अंडरपास का काम तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए।
उतरौला-बहराइच बाईपास स्थित चीनी मिल के केमिकल डिवीजन के साइट डेवलपमेंट के तहत मियावाकी पद्धति से पौधरोपण कराया जा रहा है। डीएम ने पौधरोपण कर अभियान की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण भी जरूरी है। मियावाकी जापानी पद्धति है, जिसमें स्थानीय और देशज प्रजातियों के पौधे कम दूरी पर लगाए जाते हैं। इससे सीमित क्षेत्र में कम समय में सघन हरियाली विकसित की जा सकती है।
बाईपास किनारे विकसित होने वाला ग्रीन जोन धूल और प्रदूषण को कम करने में मददगार होगा। साथ ही इससे पक्षियों और छोटे जीवों के लिए भी अनुकूल वातावरण तैयार होगा।
डीएम ने निर्माणाधीन रिंग रोड का निरीक्षण कर कार्यदायी संस्था को पर्याप्त श्रमिक, मशीनरी और संसाधन लगाकर निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने ओवरब्रिज और अंडरपास का काम जल्द पूरा करने को कहा, ताकि रिंग रोड का निर्माण समय से पूरा हो सके।
इसके बाद डीएम ने अधिशासी अभियंता, सरयू नहर खंड के कार्यालय और आवासीय परिसर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने परिसर में साफ-सफाई और रंग-रोगन कराने के साथ खाली स्थानों पर बागवानी एवं हरित क्षेत्र विकसित करने के निर्देश दिए। बाउंड्री से सटे अतिक्रमण को नियमानुसार हटाने को भी कहा।