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सर्वधर्म समभाव संदेश यात्रा का भव्य स्वागत

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बलरामपुर में पहुंची गुरु ग्रंथ साहब की शोभायात्रा पर पुष्पवर्षा करते श्रद्धालु। - फोटो : BALRAMPUR
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बलरामपुर। पंज प्यारे की अगुवाई एवं श्री गुरु ग्रंथ साहेब के स्वरूप के साथ सर्वधर्म समभाव संदेश यात्रा का जिले में भव्य स्वागत किया गया। शनिवार को यात्रा में सिक्ख धर्मावलंबियों के साथ-साथ सभी धर्म के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। यात्रा के दौरान सिक्ख वीरों ने साहसिक करतब दिखाए।
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सर्वधर्म समभाव संदेश यात्रा का शुभारंभ बीते दिन गोंडा जनपद के करनैलगंज से हुआ था। शनिवार की शाम बहराइच व श्रावस्ती जनपद होती हुई यह यात्रा बलरामपुर में पहुंची। स्थानीय दिग्विजय मार्केट के पास गुरु सिंह सभा के बैनर तले सिक्ख धर्मावलंबियों ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया।
इस अवसर पर गुरु सिंह सभा बलरामपुर के अध्यक्ष सरदार परमजीत सिंह, सरदार अजीत सिंह, उदासीन संगत गेल्हापुर के महंत बृजानंद जी महराज, ज्ञानी मनजीत सिंह, सरदार भूपेंद्र सिंह, अमरजीत सिंह बिट्टू, सर्वजीत सिंह गांधी एवं नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि शाबान अली आदि ने यात्रा में शामिल लोगों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। वहां से निकलकर यात्रा वीर विनय चौराहा पहुंची जहां पर पूर्व सांसद दद्दन मिश्रा, सदर विधायक पल्टूराम, भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश सिंह, नगर व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय शर्मा, मीडिया प्रभारी डीपी सिंह, बृजेंद्र तिवारी, कुसुम चौहान एवं पंकज मिश्रा आदि ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया।
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चौराहे पर ही सिक्ख वीरों ने तलवारबाजी एवं लठ्ठबाजी आदि साहसिक करतब का प्रदर्शन किया। सर्वधर्म समभाव संदेश यात्रा का नगर में जगह-जगह स्वागत किया गया। स्थानीय गुरुद्वारे में भी यात्रा का सिक्ख समुदाय के लोगों ने जोरदार स्वागत किया। शाम को सबद कीर्तन के बाद लंगर का आयोजन किया गया। लंगर में भी सभी जाति-धर्म के लोगों ने बैठकर प्रसाद ग्रहण किया।
गुरु सिंह सभा के सदस्य सरदार अजीत सिंह ने बताया कि सर्वधर्म समभाव संदेश यात्रा में हस्त लिखित गुरु ग्रंथ साहेब रखा गया है। यह हस्तलिखित गुरु ग्रंथ साहेब उदासीन संगत गेल्हापुर मंदिर द्वारा गुरु सिंह सभा बलरामपुर को भेंट किया गया है। उदासीन संगत गेल्हापुर मंदिर के महंत बृजानंद जी महराज ने बताया कि यह ऐतिहासिक गुरु ग्रंथ साहेब करीब ढाई सौ वर्षों से उदासीन संगत मेें रखा हुआ था। गुरु की इच्छा के अनुसार इसे गुरु सिंह सभा बलरामपुर को सौंपा गया है।
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