फोटो-18-बलरामपुर में जबदा स्थित यहीं पर संचालित होता है आंगनबाड़ी केंद्र ।-स्रोत : ग्रामीण
बलरामपुर। देहात परियोजना क्षेत्र के दो आंगनबाड़ी केंद्रों के औचक निरीक्षण में पोषाहार के रखरखाव और अभिलेखों के संचालन में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। एक केंद्र का सरकारी पोषाहार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के घर में रखा मिला, जबकि सरकारी प्राप्ति एवं वितरण रजिस्टर एक बाहरी व्यक्ति द्वारा तैयार किए जाने की जानकारी मिली। मामले को गंभीर मानते हुए बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) तरुण वर्मा ने दोनों संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। साथ ही कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए सेवा समाप्ति और एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी है।
सीडीपीओ ने बताया कि जबदा आंगनबाड़ी केंद्र के निरीक्षण के दौरान सहायिका अनुपस्थित मिली। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सीता ने बताया कि गांव में टीकाकरण कार्यक्रम चल रहा था, जिसके कारण वह वहां जा रही थीं। निरीक्षण के दौरान पोषाहार का सत्यापन कराया गया तो केंद्र के बजाय कार्यकर्ता के घर में पोषाहार रखा मिला।
जांच में कार्यकर्ता के घर से आटा-बेसन हलवा, ऊर्जा युक्त हलवा, आटा-बेसन बर्फी, दलिया-मूंग-सोया खिचड़ी तथा गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के लिए निर्धारित पोषाहार सहित कुल 133 पैकेट मिले। अधिकारियों के अनुसार पोषाहार का भंडारण निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं था।
निरीक्षण के दौरान जब प्राप्ति एवं वितरण पंजिका मांगी गई तो कार्यकर्ता ने बताया कि रजिस्टर वह स्वयं तैयार नहीं करती हैं। उनके अनुसार रघवापुर आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकर्ता रचना के पति संतोष रजिस्टर तैयार करते हैं। विभाग ने इसे शासकीय अभिलेखों में बाहरी व्यक्ति के हस्तक्षेप का मामला मानते हुए गंभीर अनियमितता माना। निर्देश दिए जाने के बावजूद संबंधित रजिस्टर कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किए गए।
जांच के दौरान यह भी जानकारी मिली कि संतोष अन्य कई आंगनबाड़ी केंद्रों के रजिस्टर भी तैयार करते हैं। विभाग ने इसकी भी जांच शुरू कर दी है। फिलहाल जबदा केंद्र की कार्यकर्ता और सहायिका तथा रघवापुर केंद्र की कार्यकर्ता का मानदेय अग्रिम आदेश तक रोक दिया गया है।