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Balrampur News: गो-अर्थ से बदलेगी तस्वीर, बायोगैस से आत्मनिर्भर होंगी गोशालाएं

Sun, 06 Sep 2026 11:03 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
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फोटो-29-बलरामपुर में ​स्थित गौशाला में मौजूद गोवंश।-स्रोत : विभाग
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बलरामपुर। जिले में गोबर आधारित बायोगैस चक्रीय अर्थव्यवस्था मॉडल के तहत मिशन गो-अर्थ की योजना तैयार की गई है। इसका उद्देश्य गोशालाओं और ग्रामीण परिवारों को स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। योजना के तहत जिले की पांच गोशालाओं का चयन कर वहां बायोगैस इकाइयां स्थापित की जाएंगी।
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गोशाला मॉडल के तहत करीब छह लाख रुपये की लागत से 30 वर्गमीटर क्षेत्र में बायोगैस संयंत्र स्थापित किया जाएगा। प्रत्येक इकाई से करीब 20 से 24 परिवारों को जोड़े जाने की योजना है। इन परिवारों को बायोगैस उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे प्रत्येक परिवार को एलपीजी पर होने वाले करीब आठ हजार रुपये या उससे अधिक के वार्षिक खर्च में बचत हो सकेगी। इकाई के रखरखाव के लिए उपभोक्ता परिवारों से न्यूनतम शुल्क लेने की भी व्यवस्था होगी।

मॉडल के तहत गोशालाओं से निकलने वाले गोबर का उपयोग बायोगैस उत्पादन में किया जाएगा। गैस बनने के बाद बचने वाले अवशेष से जैविक खाद तैयार की जाएगी। इससे गोबर का बेहतर उपयोग होने के साथ पशुपालन और कृषि के बीच संसाधन-विनिमय को बढ़ावा मिलेगा। जैविक खाद का उपयोग खेती में कर किसान रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता भी कम कर सकेंगे।
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मिशन गो-अर्थ के तहत गोबर को उपयोगी संसाधन में बदलकर ग्रामीण परिवारों को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। जिले की पांच गोशालाओं को मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। सफल संचालन के बाद इस मॉडल को अन्य क्षेत्रों में भी प्रोत्साहित किया जा सकेगा।

घरेलू मॉडल के तहत परिवारों को व्यक्तिगत स्तर पर बायोगैस इकाई स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि गोशाला मॉडल को सामूहिक और आत्मनिर्भर व्यवस्था के रूप में विकसित किया जाएगा।

सीडीओ हिमांशु गुप्ता ने बताया कि मिशन गो-अर्थ के माध्यम से गोबर को उपयोगी संसाधन में बदलकर ग्रामीण परिवारों को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने का प्रयास है।
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