बलरामपुर। भारत-नेपाल सीमा से सटे गैसड़ी क्षेत्र के जमधरा गांव निवासी और कथित पाकिस्तानी एजेंट शहरोज की गिरफ्तारी के बाद एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने जांच का दायरा और व्यापक कर दिया है। नेपाल में उसके संपर्कों और सीमापार नेटवर्क की जांच के साथ अब एजेंसी उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, पुराने संपर्कों और वर्षों में बने रिश्तों की भी पड़ताल कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक एटीएस शहरोज के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), सोशल मीडिया अकाउंट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का गहन विश्लेषण कर रही है। जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि नेपाल में उसके संपर्क किन लोगों से थे, उनके आपसी संबंध क्या थे और क्या इन कड़ियों के जरिए कोई संगठित नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। खुली भारत-नेपाल सीमा का इस्तेमाल कर उसकी आवाजाही और संदिग्ध गतिविधियों की भी बारीकी से जांच की जा रही है।
जांच एजेंसी अब शहरोज के पिता से जुड़ी जानकारी भी एकत्र कर रही है। इसके तहत होमगार्ड विभाग में उनकी नियुक्ति, सेवा अवधि और बाद में मुंबई प्रवास से जुड़े तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है। अधिकारियों का उद्देश्य यह जानना है कि परिवार के पुराने संपर्कों या आवाजाही का इस मामले से किसी तरह का संबंध तो नहीं रहा। यदि जांच के दौरान कोई संदिग्ध कड़ी सामने आती है तो उससे जुड़े लोगों को भी जांच के दायरे में लाया जा सकता है।
सूत्रों का कहना है कि एटीएस जल्द ही शहरोज को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है। पूछताछ के दौरान सीमापार नेटवर्क, कथित फंडिंग, युवाओं से संपर्क स्थापित करने के तौर-तरीकों और पाकिस्तान से जुड़े संभावित लिंक पर विस्तार से सवाल किए जाएंगे। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि सीमावर्ती इलाकों में उसने किन-किन लोगों से संपर्क बनाए और किस तरह अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश की।
उधर, शहरोज की गिरफ्तारी के बाद भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। सीमावर्ती गांवों में सुरक्षा एजेंसियां स्थानीय लोगों से जानकारी जुटा रही हैं। ग्राम सुरक्षा समितियों और खुफिया तंत्र को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल, दस्तावेजी और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ने के साथ पूरे नेटवर्क की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।