बलरामपुर के महदेइया बाजार में कोहरे के बीच आवागमन करते लोग ।
बलरामपुर। जिले में ठंड और कोहरे का कहर मंगलवार को और बढ़ गया। सुबह 10 बजे तक घना कोहरा छाया रहा, जिससे जनजीवन प्रभावित रहा। स्कूलों में उपस्थिति कम रही और बाजारों में सन्नाटा पसर गया। दृश्यता कम होने से सड़क पर कई जगह वाहन रेंग-रेंगकर चल रहे थे।
शहर के तुलसीपुर रोड निवासी विजय शुक्ल ने बताया कि सुबह बच्चे स्कूल नहीं जा पाए। नगर के शकील अहमद ने कहा कि मुख्य चौराहे और बस स्टेशन पर अलाव की व्यवस्था नहीं है, जिससे रात में यात्रियों को भारी दिक्कत हो रही है।
कोहरे ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। किसान रामनाथ यादव ने बताया कि गेंहू, चना और सरसों की फसल पर कोहरे का असर दिखने लगा है। किसान राकेश चौधरी ने कहा कि तापमान लगातार गिरने से फसल को बीमारी लगने का खतरा बढ़ गया है और उन्हें सिंचाई के समय में बदलाव करना पड़ रहा है।
जिला आपदा विशेषज्ञ अरुण सिंह ने कहा कि आने वाले दिनों में कोहरा इसी तरह बना रह सकता है। लोगों को सावधानी से यात्रा करनी चाहिए। कृषि वैज्ञानिक डॉ. सियाराम कनौजिया ने किसानों को सलाह दी कि फसल में नमी बनाए रखें और आवश्यकतानुसार दवा का छिड़काव करें, ताकि ठंड से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
डीएम ने किया निरीक्षण
जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने देर रात ठंड से बचाव की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए रोडवेज बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन और नगर पालिका द्वारा संचालित रैन बसेरों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने यात्रियों से व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रमुख स्थानों पर अलाव की पर्याप्त व्यवस्था की जाए।
रैन बसेरों में कंबल, साफ-सफाई और प्रकाश की व्यवस्था हर समय दुरुस्त रहे। कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति खुले में रात न बिताए, यह सुनिश्चित किया जाए। डीएम ने नगर पालिका टीम को तुरंत प्रभाव से ठंड से बचाव के इंतजाम तेज करने के निर्देश दिए।