बलरामपुर। जिले के 348 ग्राम पंचायतों को चालू वित्तीय वर्ष में स्वच्छता मॉडल बनाने की तैयारी शुरू की गई है। विकास भवन परिसर स्थित जिला पंचायत रिसोर्स सेंटर (डीपीआरसी) में मंगलवार को दो दिवसीय जनपद स्तरीय आवासीय प्रशिक्षण शुरू किया गया है। गांवों में ठोस व तरल कचरा प्रबंधन पर सभी लोगों को मिलकर फोकस करने का सुझाव दिया गया है।
सीडीओ संजीव कुमार मौर्य ने आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहा कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज दो के तहत वित्तीय वर्ष में 348 गांवों में ठोस व तरल कचरा प्रबंधन पर कार्य किया जाना है। गांवों को स्वच्छता के मानकों पर खरा उतारने के लिए प्रयास सामूहिक स्तर पर अभियान चलाया जाय। डीपीआरओ श्रेया उपाध्याय ने कहा कि गांवों को स्वच्छता की मुहिम में आगे लाने की जिम्मेदारी सभी की है। ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन को लेकर मुहिम चलाने की आवश्यकता है। जिला समन्वयक गोंडा अभिषेक यादव, अमित प्रकाश व सीई बहराइच कृष्ण कुमार यादव ने प्रधानों, पंचायत सहायकों, सफाई कर्मियों व खंड प्रेरकों को प्रशिक्षण दिया।