रेहरा बाजार। रेहराबाजार के युवा किसान रक्षाराम फूलों की खेती और सजावट के काम से अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं। वह सहालग में दूल्हा गाड़ी, विवाह मंडप और स्वागत माला बनाकर प्रतिमाह पचास हजार रुपये का मुनाफा कमा रहे हैं। इस कार्य से उन्होंने शांति देवी और रामरूप सहित दो अन्य लोगों को भी रोजगार दिया है।
24 वर्षीय रक्षाराम ने एक साल पहले नथईपुर कुंवर में एक बीघा जमीन पर गुलदाउदी और गेंदे के फूलों की खेती शुरू की। उन्होंने बताया कि पहले वह सिर्फ सजावट का काम करते थे और बाजार से फूल खरीदते थे, जिससे खास बचत नहीं हो पाती थी। फिर उन्हें फूलों की खेती शुरू की और अब अपने उगाए फूलों का उपयोग सजावट में करने से आय में वृद्धि हो गई है।
बाजार में फूल सौ रुपये प्रति किलो बिकते हैं, लेकिन स्वयं फूल तैयार करने से लागत कम आती है। रक्षाराम प्रतिदिन बीस किलो फूल तोड़ते हैं, जिससे प्रतिमाह साठ हजार रुपये के फूल तैयार होते हैं। सहालग में विवाह मंडप, सेहरा और सजावट की बुकिंग से उन्हें प्रतिमाह एक लाख रुपये की आय होती है। मजदूरी और अन्य खर्चों में करीब पचास हजार रुपये लगने के बाद उन्हें पचास हजार रुपये का शुद्ध लाभ होता है।
आय दोगुनी करने का अवसर
एडीओ एजी रणधीर सिंह ने बताया कि फूलों की खेती और सजावट दोनों से किसानों को दोहरा लाभ मिलता है। किसान अपने उगाए फूलों का उपयोग कर आय में वृद्धि कर सकते हैं। इस प्रकार वे अपनी आय आसानी से दोगुनी कर सकते हैं। यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का एक प्रभावी तरीका है।