बलरामपुर। होली को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी कर ली है। तीन दिन अवकाश के कारण आपातस्थिति में लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके, इसके लिए जिला व ग्रामीण अस्पताल में विशेष टीमें लगाई गई हैं। टीम में फिजिशियन, नेत्र चिकित्सक, फार्मासिस्ट व स्टाफ नर्स शामिल रहेंगे। यह टीमें 24 घंटे सक्रिय रहेंगी।
सोमवार को होलिका दहन के साथ होली का पर्व शुरू हो जाएगा है। दो से चार मार्च तक अवकाश के कारण अस्पतालों में ओपीडी बंद रहेगी। मरीजों को इलाज के लिए परेशान न होना पड़े, इसके लिए विभाग ने इमरजेंसी वार्ड में उचित प्रबंधन किया है। दोनों जिला अस्पतालों में तीन शिफ्टों में चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी 24 घंटे स्वास्थ्य टीमें मुस्तैद रहेगी। सभी सीएचसी अधीक्षकों को ड्यूटी पर कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, होली में रंगों के कारण होने वाले एलर्जी को देखते हुए अस्पताल के दवा भंडार में आवश्यक आई ड्रॉप व त्वचा से संबंधित दवाएं पहुंचा दी गई हैं। जरूरत पर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए 102 व 108 एंबुलेंस को भी सक्रिय किया गया है। जिला अस्पताल व सीएचसी पर दो-दो एंबुलेंस हर समय उपलब्ध रहेंगी, ताकि आपातस्थिति में मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया जा सके।
हर्बल अबीर-गुलाल का करें प्रयोग
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने होली को सुरक्षित व स्वस्थ वातावरण में मनाने की अपील की है। कहा कि रासायनिक व हानिकारक रंगों का प्रयोग न करें। हानिकारक रंग त्वचा, आंखों और श्वसन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकते हैं, इसलिए होली खेलते समय इन बातों का ध्यान रखें। बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती विशेष सावधानी बरतें।