महराजगंज तराई (बलरामपुर)। बीते दिनों नेपाल में हुई भारी बारिश के कारण शनिवार को एक बार फिर खरझार पहाड़ी नाले में उफान आ गया है। बाढ़ के चलते क्षेत्र के करीब 15 गांव पूरी तरह से जलमग्न हो गए हैं। पानी भर जाने से सैकड़ों परिवार बेघर हो गए हैं। घर में रखा अनाज भी बाढ़ के पानी में भीग जाने से पीड़ितों के समक्ष रोटी का संकट भी उत्पन्न हो गया है। बार-बार बाढ़ आने से क्षेत्र में संक्रामक रोगों के फैलने की संभावना भी बढ़ने लगी है।
शनिवार को खरझार पहाड़ी नाले में आई बाढ़ के चलते शांतिनगर, मैटहवा, साहेबनगर, जगरामपुरवा, हरिहरनगर, दांदव, सुगानगर, बल्दीडीह, लालबोझी सहित करीब 15 गांव जलमग्न हो गए हैं। इन गांवों को जाने वाले मुख्य मार्ग पर बाढ़ का पानी आ जाने के कारण आवागमन भी पूरी तरह से बंद है। सैकड़ों घरों में पानी घुस जाने के कारण पीड़ित सुरक्षित स्थानों पर पनाह लेने को मजबूर हैं। घरों में रखा अनाज भी बाढ़ के पानी में भीगकर खराब हो गया है।
ग्रामवासी कुन्ने, नुरुल, सलाम, पवन कुमार, जीवनलाल व हृदयराम आदि ने बताया कि बाढ़ आ जाने के कारण परिवार के समक्ष भोजन का संकट उत्पन्न हो गया है। बार-बार बाढ़ आ जाने के कारण तमाम संक्रामक बीमारियों के फैलने की संभावना भी बनी हुई है। दो माह के बीच कई बार क्षेत्र में बाढ़ आ चुकी है। बावजूद इसके अभी तक स्वास्थ्य विभाग का कोई भी कर्मी बाढ़ग्रस्त गांवों में स्वास्थ्य शिविर नहीं लगाया है।
बाढ़ आने के कारण फसल भी बर्बाद हो गई है। उपजिलाधिकारी तुलसीपुर विनोद सिंह ने बताया कि महराजगंज तराई क्षेत्र में आई बाढ़ के कारण हुए क्षति का आकलन कराया जा रहा है। शीघ्र ही पीड़ितों सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।