बलरामपुर। पचपेड़वा ब्लॉक के पांच गांवों पर बूढ़ी राप्ती नदी का कहर कभी भी टूट सकता है। बाढ़ खंड के अफसर तीन सालों से केवल कागजी घोड़ा दौड़ा रहे हैं। नदी की कटान रोकने का प्रयास न किए जाने पर क्षेत्रीय विधायक ने नाराजगी जताई है। विधायक ने जलशक्ति मंत्री को पत्र लिखकर इन गांवों के लिए शीघ्र सुरक्षा बांध बनवाने की मांग की है।
विदित हो कि पचपेड़वा ब्लॉक के बूढ़ी राप्ती नदी में नेपाली पानी आता है। यह नदी काफी पुरानी है। नदी के किनारे बसे गांव मधवानगर खादर, परसोहना, बरगदहा, पिपरिहा जमुनी व सोहना इसी नदी के किनारे बसे हैं। करीब दो दशक से इन गांवों में नदी की कटान लगातार जारी है। बाढ़ खंड बलरामपुर के अफसर पिछले तीन साल से इन गांवों के लिए सुरक्षा बांध बनाने की कार्ययोजना तो तैयार कर रहे है लेकिन मौके पर कोई काम नहीं हुआ।
अधिकारी केवल फोटो खींचकर वापस चले आते हैं। इन गांवों के लोगों का कहना है कि कभी भी नदी का पानी गांव में घुसकर भारी तबाही मचा सकता है। यही नहीं हर वर्ष इसी नदी में कई लोगों की डूबने से जान भी चली जाती है।
गैसड़ी विधायक शैलेश कुमार सिंह शैलू का कहना जिम्मेदार अफसर कागजी घोड़ा दौड़ाकर वाहवाही लूटने में व्यस्त है। इन गांवों को बचाने का कोई काम नहीं हो रहा है। विधायक ने सूबे के जलशक्ति मंत्री को पत्र लिखकर गांवों को बचाने के लिए सुरक्षा बांध बनवाने तथा लापरवाही बरतने वाले अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।