बलरामपुर के खरझार नाले पर कटा एप्रोच मार्ग।
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महराजगंज तराई (बलरामपुर)। खरझार नाले के बाढ़ व कटान में बांध निर्माण पर खर्च 4.58 करोड़ रुपये की धनराशि पानी में डूब रही है। दो वित्त वर्ष में क्षेत्रवासियों को बाढ़ से बचाने के लिए लोहेपनिया व रामगढ़ मैटहवा गांवों के पास बांध का निर्माण कराया गया था।
तुलसीपुर ब्लॉक के 18 गांवों के 20 हजार लोगों को खरझार पहाड़ी नाले के बाढ़ की तबाही का मंजर सता रहा है। खरझार पहाड़ी नाले में बरसात शुरू होते ही इस साल बार-बार बाढ़ आने के चलते हो रही परेशानी से क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन पर उपेक्षा बरतने का आरोप लगाया है।
क्षेत्रवासी पवन वर्मा, तुलाराम, जीवन लाल, ह्दयराम, संजय कुमार, आशोक कुमार, बलराम, विजय कुमार, पतिराम, अरुण तिवारी व बड़का आदि ने शासन-प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जताते हुए कहा कि क्षेत्र के 18 गांवों पर खरझार पहाड़ी नाले के बाढ़ की आफत टूट रही है।
वित्त वर्ष 2015-16 में 4.03 करोड़ रुपये की लागत से तुलसीपुर ब्लॉक के लोहेपनिया गांव के पास खरझार पहाड़ी नाले से सटाकर करीब 900 मीटर बांध का निर्माण कराया गया था। निर्माण के बाद खरझार पहाड़ी नाले के तेज बहाव को रोकने के लिए ठोकर का निर्माण नहीं कराया गया। गत वर्ष खरझार पहाड़ी नाले में आई बाढ़ कई जगहों पर बांध व एप्रोच क्षतिग्रस्त हो गया।
डीएम कृष्णा करुणेश ने बताया कि खरझार पहाड़ी नाले के लोहेपनिया व रामगढ़ मैटहवा गांव के पास दो वित्त वर्ष में बाढ़ खंड की तरफ कराए गए कार्य की जांच के लिए तुलसीपुर एसडीएम विनोद सिंह को निर्देश दिया गया है। एसडीएम से जांच रिपोर्ट भी तलब की गई है। एसडीएम की जांच रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।