बलरामपुर के रामगढ़ मैटहवा-शांतिनगर मार्ग पर भरे बाढ़ के पानी से होकर गुजरते ग्रामीण।
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बलरामपुर/महराजगंज तराई। नेपाल के पहाड़ों और जिले में शुक्रवार रात हुई भारी बारिश के चलते हरैया तथा महराजगंज तराई क्षेत्र के करीब 20 गांव जलमग्न हो गए हैं। कोडरी-ललिया तथा गौरा चौराहा-तुलसीपुर मार्ग पर बाढ़ का पानी भर जाने से आवागमन ठप हो गया है।
बलरामपुर-तुलसीपुर नेशनल हाईवे पर करीब आठ घंटे की मशक्कत के बाद शनिवार सुबह भारी वाहनों का आवागमन बहाल हो सका है। राप्ती नदी का जलस्तर भी चेतावनी बिंदु से करीब 45 सेंटीमीटर ऊपर बना हुआ है। नदी धीरे-धीरे खतरे के निशान के ऊपर बढ़ रही है।
शनिवार सुबह खरझार पहाड़ी नाले में आई बाढ़ के चलते रामगढ़ मैटहवा, शांतिनगर, साहेबनगर, विजईडीह, सुगानगर, सहबिनिया, दांदव, हरहिरनगर, लोहेपनिया तथा जगरामपुरवा सहित करीब 20 गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। बाढ़ के तेज बहाव में लोगों का घरों से निकला दूभर हो गया है। घरों में पानी भर जाने से चूल्हे नहीं जल पा रहे हैं।
उधर शुक्रवार रात बाढ़ के पानी से कटे बलरामपुर-तुलसीपुर नेशनल हाईवे के लौकहवा डिप डायवर्जन को आठ घंटे की मिट्टी पटान के बाद फिर से आवागमन के लिए खोल दिया गया है। डीएम कृष्णा करुणेश ने डिप पर पुल निर्माण करा रही संस्था को डायवर्जन की ऊंचाई बढ़ाने और जल निकासी के लिए पाइप लगाने का निर्देश दिया है।