बलरामपुर। जिले के 100 गांवों में बाढ़ का कहर बुधवार को भी जारी रहा। बाढ़ के पानी से लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। राप्ती नदी व पहाड़ी नालों के बाढ़ ने कहर मचा रखा है। राप्ती नदी का जलस्तर 19 सेमी. घटने के बाद भी बाढ़ का असर कम नहीं हुआ है।
उतरौला तहसील क्षेत्र में राप्ती नदी के बाढ़ का पानी कई गांवों में भरा हुआ है। लोगों को खाने-पीने के भी लाले पड़ रहे है। बलरामपुर-तुलसीपुर नेशनल हाईवे के बेलहा डिप पर लोगों को नाव से पार किया जा रहा है जबकि बड़े वाहनों का आवागमन अभी भी पूरी तरह से ठप है।
बुधवार की शाम को राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान 104.620 मीटर से 19 सेेमी नीचे 104.430 मीटर पहुंच गया है। बाढ़ का पानी घटने के बावजूद बलरामपुर-तुलसीपुर नेशनल हाईवे के बेलहा डिप पर आवागमन अभी तक बहाल नहीं हो सका है। छोटे वाहनों व पैदल यात्रियों को बेलहा डिप पर नाव से इधर से उधर पार कराया जा रहा है। बड़े वाहनों का आवागमन पूरी तरह से ठप है।
बाढ़ के कारण सदर तहसील के लालपुर फगुईया, गंगाबक्श भांगड, जबदहा-जबदही, समगरा, रजवापुर, सिंघवापुर, बेलहा, लखमा, भचकहिया, उतरौला तहसील के लखमा, मनियरिया, चंदापुर, बभनपुरवा, फत्तेजोत, परसौना, मिर्जापुर, पूरेछीटन, बेलाबेली, हरवंशपुर, पटोहाकोट, महुवाधनी, बरगदही, सिसई, रानीजोत, हिम्मतपुरवा, किठुरा, मध्यनगर, बुढंतपुर व मिर्जापुर सहित करीब 100 गांवों में बाढ़ घटने के बाद भी अभी तक दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं।
श्रीदत्तगंज संवादसूत्र के अनुसार उतरौला तहसील क्षेत्र के लखमा, मनियरिया, चंदापुर, बभनपुरवा, फत्तेजोत, परसौना, मिर्जापुरश्, पूरेछीटन, बेलाबेली, हरवंशपुर, पटोहाकोट आदि गांवों में राप्ती नदी का कटान भी तेजी से हो रहा है। तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का पानी होने के चलते लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
एसडीएम एके गौड़ ने बताया कि प्रशासन की तरफ से लोगों के लिए नाव का इंतजाम कराया गया है। हरैया सतघरवा संवादसूत्र के अनुसार बाजार के मुख्य मार्ग पर जलभराव होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रामदेव, इसरार व गुल्ले आदि ने बाजार की सड़क का मरम्मत कराने की मांग की है।