बलरामपुर। उफान के बाद राप्ती नदी का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से 34 सेमी ऊपर है। बाढ़ के पानी के चलते बलरामपुर-तुलसीपुर नेशनल हाईवे बंद हो गया है। तीनों तहसीलों के करीब 100 गांवों में या तो बाढ़ का पानी घुस गया है या फिर पानी से घिरने के चलते टापू में तब्दील है। प्रशासन ने राहत व बचाव कार्य तेज कर दिया है।
सोमवार शाम राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान 104.620 मीटर से 34 सेमी ऊपर 104.960 मीटर पर है। नदी के जलस्तर में मामूली कमी हो रही है। बाढ़ के चलते बलरामपुर-तुलसीपुर नेशनल हाईवे के बेलहा डिप पर पानी का तेज बहाव है। हाईवे पर आवागमन ठप हो गया है।
बाढ़ के कारण लालपुर फगुइया, गंगाबक्श भांगड़, जबदहा-जबदही, समगरा, रजवापुर, सिंघवापुर, भचकहिया, बेलहा, लखमा, मनियरिया, चंदापुर, बभनपुरवा, फत्तेजोत, परसौना, मिर्जापुर, पूरेछीटन, बेला-बेली, हरवंशपुर, पटोहाकोट, महुवाधनी, बरगदही, सिसई, बेनीजोत, हिम्मतपुरवा, बुडंतपुर, किठूरा, मधनगर व मिर्जापुर समेत करीब 100 गांव टापू बन गए है।
घरों में रखा अनाज व घर गृहस्थी का सामान भीग गया है। प्राथमिक विद्यालय लौकहवा तथा महराजगंज तराई में बने बाढ़ राहत केंद्र पर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। लोग परिवार के साथ सड़कों पर शरण लिए हुए हैं।
बाढ़ के पानी में डूबकर युवक की मौत
उतरौला (बलरामपुर)। उतरौला कोतवाली क्षेत्र के महुवाधनी गांव के निकट सोमवार को 40 वर्ष ीय गुड्डू की बाढ़ के पानी में बह जाने से डूबकर मौत हो गई। मृतक देवरिया अर्जुन गांवड से अपने घर जा रहा था। लोगों ने काफी मशक्कत कर शव ढूंढ निकाला है। एडीएम एके गौड़ ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
कल तक सामान्य हो जाएंगे हालात
राप्ती नदी के जल स्तर में कमी होने लगी है। बुधवार तक बाढ़ के हालात सामान्य होने की पूरी संभावना है। प्रभावित गांवों में नाव आदि की व्यवस्था करा दी गई है। सभी एसडीएम व राजस्व कर्मियों को हालात पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
- कृष्णा करुणेश, डीएम