पचपेड़वा क्षेत्र के बेहतनिया निवासी डा. जावेद की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में तीन अस्पताल संचालन का आरोप है, जिसमें सीतापुर के रेऊसा में संचालित लखनऊ सेवा अस्पताल, बहराइच के महसी क्षेत्र के राजी चौराहे पर संचालित लखनऊ सेवा अस्पताल और बहराइच के जैतरापुर में चल रहे एसआर नर्सिंग होम को शामिल किया था। मामला उजागर होने पर तीनों अस्पताल के संचालक मोहम्मद रजा ने कहा कि उनके पास चिकित्सक डॉ. जावेद वर्ष 2024 में ही आए थे। उन्होंने अपनी एमबीबीएस की डिग्री दी और बेरोजगार होने की बात कहकर पंजीकरण कराया था।
उन्होंने यह भी कहा कि पंजीकरण की प्रक्रिया में ओटीपी जावेद के नंबर गया और उन्होंने पूरी प्रक्रिया पूरी की थी। पूरी जानकारी विवेचक को उपलब्ध कराएंगे। एक महिला स्टॉफ से अभद्रता के मामले की रिपोर्ट भी डॉ. जावेद के खिलाफ बहराइच के हरदी थाने में दर्ज है। उधर, डॉ. जावेद ने कहा कि उन्हें जून में ही डिग्री के प्रयोग की जानकारी हुई और सीएमओ बहराइच व सीतापुर से शिकायत की। इसके बाद तीनों अस्पताल का पंजीयन निरस्त हुआ। इसके बाद उन्हें परेशान करने के लिए कई हथकंडे अपनाए गए। कोई अभिलेख इन लोगों को नहीं दिए हैं। उनके पास कोई ओटीपी भी नहीं आई, यह सब छुप भी नहीं सकता है। लखनऊ में भी दो अस्पताल संचालित हो रहे हैं। इसकी भी जानकारी हुई है, फिलहाल वहां किसी दूसरे चिकित्सक की डिग्री का प्रयोग किया जा रहा है।
सीएमओ ऑफिस की लापरवाही से चलता है पूरा खेल
नर्सिंग होम या अस्पताल के पंजीयन की प्रक्रिया में सीएमओ ऑफिस की भूमिका अहम होती है। डॉ. जावेद ने भी सीएमओ ऑफिस पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि नोडल अधिकारी पंजीयन से पहले चिकित्सक और स्टॉफ का सत्यापन करते हैं। उनसे आज तक किसी तरह की जानकारी नहीं ली गई। पूरे खेल में सीएमओ कार्यालय की मिलीभगत रही है। उन्होंने बताया कि अस्पताल संचालक ने चिकित्सा शिक्षा की कोई पढ़ाई नहीं की है, इसके बाद भी वह गंभीर बीमारी का इलाज करता है।
पुलिस जांच से उजागर होगा मामला
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि तहरीर के साथ ही वादी ने अहम जानकारी दी है, जिसमें सीएमओ की तरफ से कराई गई जांच भी शामिल है। जांच में स्थिति साफ हो जाएगी। पुलिस उपाधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार ने बताया कि हर पहलू की जांच हो रही है। जल्द ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।