फोटो-18-बलरामपुर में बैठक कर चर्चा करते व्यापारी व स्थानीय लोग ।-स्रोत : नगरवासी
बलरामपुर। झारखंडी रेलवे क्रॉसिंग पर प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज निर्माण को लेकर बृहस्पतिवार को शहर के एक होटल में व्यापारियों की बैठक हुई। बैठक में कहा गया कि प्रस्तावित निर्माण से कई परिवारों के मकान, दुकान और रोजगार प्रभावित हो सकते हैं। व्यापारियों ने निर्णय लिया कि सात अगस्त को प्रस्तावित शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान सेतु निगम के अधिकारियों, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों के समक्ष अपनी मांगें रखी जाएंगी। संतोषजनक समाधान नहीं मिलने पर जन आंदोलन शुरू किया जाएगा।
बैठक में विकास दीप ने कहा कि ओवरब्रिज की वर्तमान योजना से अनेक परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो सकता है। शाश्वत सिंह ने कहा कि पहले मकान नहीं तोड़े जाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब मुआवजा दिए जाने की बात कही जा रही है। हारिस बिन खालिद और जतिन अग्रवाल ने कहा कि परियोजना को लेकर लोगों में असमंजस का माहौल है। स्थिति स्पष्ट नहीं होने से व्यापारी चिंतित हैं।
विजय गुप्ता ने कहा कि बिजलीपुर से बहराइच मार्ग होते हुए गोंडा मार्ग तक रिंग रोड लगभग तैयार है। इसके शुरू होने के बाद भारी वाहनों का दबाव कम हो जाएगा। ऐसे में पांच मीटर चौड़ी सर्विस रोड पर्याप्त होगी। आकाश दीप ने कहा कि शहर में पहले से दो वैकल्पिक हाईवे प्रस्तावित हैं, इसलिए सर्विस लेन की चौड़ाई पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। सोनू साहू ने कहा कि ओवरब्रिज बनने से कई परिवारों के व्यापार और आवास दोनों पर असर पड़ेगा। सत्यपाल सिंह ने बताया कि इस संबंध में पूर्व जिलाधिकारी, सदर विधायक और नगर पालिका अध्यक्ष को कई बार ज्ञापन दिए गए, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल सका।