पिछले दिनों माध्यमिक शिक्षा परिषद ने हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के 92 हजार विद्यार्थियों की बोर्ड परीक्षा कराने के लिए 131 विद्यालयों की अंतरिम सूची जारी की थी। इस पर 28 नवंबर तक कुल 174 दावे व आपत्तियां स्वीकार की गई हैं। इनके निस्तारण के लिए एक बार फिर एसडीएम स्तर से दावे व आपत्तियों की जांच व अंतरिम सूची के आधार पर विश्लेषण किया जाएगा। यूपी बोर्ड परीक्षा कराने के लिए पूरी तरह से परीक्षा केंद्र निर्धारित किए जा सकेंगे। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने सभी तहसीलों से आई आपत्ति व दावे जांच के लिए भेज दिया है।
वहीं रिपोर्ट के आधार पर सूची में बदलाव के साथ ही शुचिता व नकलविहीन परीक्षा कराई जाएगी। इसमें सबसे ज्यादा 80 नया केंद्र के लिए प्रत्यावेदन दिए गए हैं। 76 आवेदन बोर्ड की ओर बालिकाओं के लिए निर्धारित सात किमी व बालकों के लिए 12 किमी से ज्यादा होने के दावे किए हैं। छह विद्यालय संचालकों ने कहा कि उनके विद्यालय में क्षमता से अधिक विद्यार्थियों को आरक्षित कर दिया गया है।
परीक्षा केंद्र बदलवाने के लिए संचालकों ने खुद की दुश्मनी का हवाला दिया है। जिले के सभी चारों तहसीलों से एक-एक प्रकरण आया है। जिसमें संचालकों ने खुद की दुश्मनी से बच्चों को मदद न मिलने को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। वहीं, आठ अन्य मामलों में प्रत्यावेदन किए गए हैं। कुल 131 परीक्षा केंद्रों के मुकाबले 174 आवेदन पर मंथन चलेगा।
जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि सभी दावे व आपत्तियों के आधार पर बोर्ड परीक्षा केंद्र का निर्धारण किया जाएगा। सभी का तहसील स्तर पर जांच व निस्तारण कराया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर फाइनल सूची तैयार की जाएगी। इसमें दूरी मानक के हिसाब से हो, इसके अलावा बोर्ड मानकों के साथ ही नकलविहीन परीक्षा कराई जा सके। इसके लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।