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बिचौलियों के हाथों एक हजार रुपये प्रति क्विंटल धान बेच रहे किसान

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बलरामपुर में राजकीय धान क्रय केन्द्र पर पसरा सन्नाटा। - फोटो : BALRAMPUR
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बलरामपुर। सरकार की तमाम कवायदों के बावजूद क्रय केंद्रों पर धान खरीद की रफ्तार में तेजी नहीं आ पा रही है। 23 दिनों बाद भी जिले के करीब एक दर्जन क्रय केंद्रों पर अभी तक धान की बोहनी भी नहीं हुई है। अभी तक जिले में मात्र 600 एमटी धान की ही खरीद हो सकी है। क्रय केंद्रों पर अव्यवस्था व अनियमितता का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। किसान अपना धान बिचौलियों के हाथ एक हजार रुपये क्विंटल के हिसाब से बेचने को विवश हैं।
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बताते चलें कि जिले में 15 अक्तूबर से ही धान की खरीद शुरू कर दी गई है। सरकार द्वारा धान खरीद के लिए दो क्रय एजेंसियों खाद्य विभाग व पीसीएफ को 12 हजार एमटी धान खरीदने का लक्ष्य दिया गया है। धान खरीदने के लिए जिले में दोनों एजेंसियों द्वारा कुल 29 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। सामान्य धान का समर्थन मूल्य 1868 रुपये एवं ए ग्रेड धान का समर्थन मूल्य 1888 रुपये शासन द्वारा निर्धारित किया गया है।
धान खरीद शुरू हुए 23 दिन बीत चुके हैं लेकिन अभी तक 29 में से मात्र 17 क्रय केंद्रों पर ही धान की खरीददारी की गई है। 12 क्रय केंद्रों पर अभी भी धान की बोहनी नहीं हो सकी है। 12 हजार एमटी के सापेक्ष अभी तक मात्र 600 एमटी धान ही खरीदी गई है। जिले में तमाम क्रय केंद्र ऐसे हैं जहां पर अभी तक कांटा, बोरा व अन्य सामग्री उपलब्ध ही नहीं हो पाई है जिसके चलते किसानों को धान बेचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक समस्या छोटे किसानों को भुगतनी पड़ रही है।
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गैसड़ी क्षेत्र के किसान शैलेंद्र कुमार सिंह शीलू ने बताया कि संबंधित क्रय केंद्र पर धान की खरीद शुरू न होने पर उन्होंने क्रेंद्र प्रभारी से बात की तो उन्होंने धान खरीदने से मना कर दिया। बताया कि केंद्र पर अभी न तो बोरा उपलब्ध है और न हमारे पास समय ही है। केंद्र प्रभारी का यह भी कहना है कि धान बेचने के बाद पैसा कब मिलेगा इसकी भी कोई गारंटी नहीं है।
केंद्र प्रभारी द्वारा धान खरीद से मना करने पर तमाम किसानों ने बिचौलियों के हाथ अपना धान एक हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से बेच दिया है। इसी तरह से अन्य तमाम किसानों ने विभागीय अधिकारियों के साथ प्रशासनिक अधिकारियों से भी शिकायत की है। किसानों की शिकायत के बावजूद अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। बंद पड़े धान क्रय केंद्र कब खुलेंगे इस बात का जवाब भी कोई देने को तैयार नहीं है।
सभी क्रय केंद्रों का संचालन शुरू कराने है निर्देश
सभी धान क्रय केंद्रों का संचालन शुरू करने तथा धान खरीद में तेजी लाने का निर्देश केेंद्र प्रभारियों को दिया गया है। धान की खरीद न करने वाले केंद्र प्रभारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किसानों को समय के अनुसार धान मूल्य का भुगतान भी किया जाएगा।
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- नरेंद्र कुमार तिवारी, डिप्टी आरएमओ
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