जरवा (बलरामपुर)। सशस्त्र सीमा बल 9वीं वाहिनी की ओर से बघेलखंड के राजकीय रेशम फॉर्म में मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण शुरू हुआ है। 15 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ बुधवार को आदिशक्ति मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. रविशंकर सिंह ने किया। प्रशिक्षण में किसानों को मधुमक्खी पालन की आधुनिक तकनीकों से शहद उत्पादन की जानकारी दी जाएगी।
एसएसबी 9वीं वाहिनी कमांडेंट मनोरंजन पांडे ने कहा कि सीमावर्ती गावों के किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल की गई है। प्रशिक्षण में रानी मक्खी का प्रबंधन, शहद निष्कर्षन तकनीकी और मधुमक्खियों के स्वास्थ्य प्रबंधन, मधुमक्खियां को बड़े पक्षियों से बचाने जैसी महत्वपूर्ण चीजों पर ध्यान देना पड़ता है।
मधुमक्खी पालन से आपकी आर्थिक और क्षेत्र की स्थिति सुधरेगी। बघेलखंड प्रधान नसीम खान, कालीचरण, रनियापुर प्रधान राम सिंह यादव, बिश्रामपुर रोजगार सेवक सुरेश यादव, ग्राम चौहत्तर कला प्रधान दीपक कुमार पवन कुमार वर्मा आदि ने प्रशिक्षण की पहल को सराहा। कार्यक्रम के दौरान गुरु नाका चौकी प्रभारी निरीक्षक रंगेश कुमार, दीपक, कपिल, सुनील, बघेलखंड पुलिस चौकी प्रभारी जितेंद्र बहादुर, राजकीय रेशम फॉर्म प्रभारी देवेंद्र कुमार गौतम आदि मौजूद रहे।