फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राप्ती में समा रही है किसानों की जमीन

विज्ञापन
विज्ञापन
बलरामपुर। राप्ती नदी के कटान में किसानों की सैकड़ों बीघे जमीने समा रही हैं। कटान के चलते किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों ने शासन प्रशासन से कटान वाली जमीनों का आंकलन कराकर मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है। ललिया थाना क्षेत्र के सहिबानगर गांव के अस्तित्व को बचाने के लिए प्रशासन की तरफ से राप्ती नदी की काटन रोकने का प्रबंध किया गया है। सीमेंट की बोरियां लगाकर राप्ती नदी की कटान को रोकने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन

सदर तहसील के गोड़वा ग्राम पंचायत के मजरा सहिबानगर को बचाने के लिए प्रशासन की तरफ से कटान प्रभावित क्षेत्र में सीमेंट की बोरियां लगाई गई हैं। सीमेंट की बोरियों को रोकने के लिए सीमेंट पीलर का सहारा लिया गया है। सीमेंट की बोरियों पर पानी के बहाव की ठोकर को रोककर राप्ती नदी की कटान को रोक दिया गया है। प्रशासन के इस प्रयास की गांव के लोग सराहना कर रहे हैं लेकिन प्रशासन से राप्ती नदी के कटान से बचाने के लिए ठोस प्रयास किए जाने की मांग भी कर रहे हैं।
इसी तरह से सदर तहसील के लालपुर फगुइया, गोसाईपुरवा, बेलहा, लालाजोत व अन्य गांवों में भी राप्ती नदी की कटान में लोगों की बेशकीमती जमीनें समा रही हैं। लालपुर फगुइया व गोसाईपुरवा गांव में 50 से अधिक घर राप्ती में समा चुके हैं। बेघर हुए परिवारों ने शासन-प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। उधर उतरौला तहसील के कई गांवों में भी राप्ती नदी की कटान का मंजर है।
विज्ञापन

बीते दिन उतरौला विधायक राम प्रताप वर्मा ने कटान स्थल का निरीक्षण कर एसडीएम अरुण कुमार गौड़ व सीओ मनोज कुमार को पीड़ितों के लिए आवश्यक प्रबंध करने का निर्देश दिया है। जिला आपदा प्रभारी व एडीएम वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार शुक्ल ने बताया कि कटान प्रभावित क्षेेत्रों में हल्का लेखपालों को तैनात किया गया है। हल्का लेखपालों की रिपोर्ट शासन को भेजकर अवगत कराया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें