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Balrampur News: फसल की चिंता में रतजगा कर रहे किसान

Sun, 24 Nov 2024 01:13 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
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बलरामपुर के पतझी कला गांव के पास खेत की रखवाली करते किसान।-संवाद
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बलरामपुर। सरकार का दावा है कि किसानों की आमदनी दोगुनी कर दी गई है, मगर जमीनी हकीकत ये है कि एक-एक दाने की सुरक्षा के लिए किसानों को कड़ाके की ठंड भरी रात में खेतों में जगराता करना पड़ रहा है। मवेशियों के झुंड किसानों की आंखों के सामने उनकी मेहनत को रौंदने के साथ चट कर रहे हैं। आलम ये है कि गेहूं, लाही, मसूर, चना, मटर व आलू की फसल आदि फसलों की रखवाली के लिए किसान रातभर जाने को मजबूर हैं। इस परिस्थिति में सर्द मौसम भी किसानों की परीक्षा ले रहा है। देर रात फसलों की रखवाली में किसानों की परेशानी की पड़ताल की गई तो यह हकीकत सामने आई :-
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क्या करें मजबूरी है
दृश्य-1- रात 11:10 बजे
पेहर बाजार(बलरामपुर)। ग्राम पंचायत रेंडवलिया में खेत की रखवाली को के लिए लाठी डंडा लेकर घूम रहे धर्मपाल मौर्या, सिद्धू वर्मा, रमेश व राजू आदि ने बताया घर से लगभग ढ़ाई से तीन किलोमीटर दूर रातभर खेत में रहकर रखवाली करना मजबूरी है। क्षेत्र में इतने छुट्टा मवेशी घूमते हैं कि जरा सा चूके तो अगली सुबह खेत साफ ही मिलेगा।
जरा सा चूके तो फसल बर्बाद
दृश्य-2-रात 11:45 बजे
महदेइया बाजार(बलरामपुर)। श्रीदत्तगंज ब्लॉक के ग्राम गुमड़ी में खेत की रखवाली कर रहे दुलारे, अलखराम व संचित ने बताया कि रात को सिंचाई कर देने से दिन में दूसरे काम करने का मौका मिल जाता है। ठंड है तो क्या हुआ अलाव के सहारे रात काट लेते हैं। फसल की रखवाली भी हो जाती है। जरा सी चूक होने पर छुट्टा जानवर फसल बर्बाद कर देते हैं।
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फसल को बचाना है तो कुछ तो करना पड़ेगा
दृश्य-3- रात 12:10 बजे
ललिया(बलरामपुर)। ग्राम पतझी कला के पास जानवरों से फसल की रखवाली को मचान के पास मौजूद दद्दू पांडेय, रमेश मिश्रा, पवन वर्मा, सुनील ने बताया कि परिवार के सभी सदस्यों ने अलग-अलग समय पर रखवाली की जिम्मेदारी ले रखी है। कोई दोपहर में खेत देखते हैं और रात को। मजबूरी में रतजगा करना पड़ रहा है।
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