अपर मुख्य चिकित्साधिकारी (एसीएमओ) का आरोप है कि तुलसीपुर निवासी दिवाकर कसौधन लंबे समय से उनके और पूरे स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ सोशल मीडिया पर भ्रामक एवं तथ्यहीन सूचना प्रसारित कर रहा था। इतना ही नहीं, वह सीएमओ कार्यालय पहुंचकर सरकारी कार्य में बाधा डालता था और अधिकारियों-कर्मचारियों पर दबाव भी बनाता था।
एसीएमओ के अनुसार आरोपी ने अनाधिकृत दबाव बनाते हुए प्रति माह एक लाख रुपये की रंगदारी की मांग की। लगातार हो रहे उत्पीड़न और विभागीय कार्य में व्यवधान से आजिज आकर उन्होंने कोतवाली देहात में शिकायत दर्ज कराई। अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पांडेय ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पूर्व में भी कई मामले दर्ज हैं। वह काफी समय से वांछित चल रहा था।
उसकी अन्य गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। प्रभारी निरीक्षक गिरजेश तिवारी ने बताया कि आरोपी को सीजेएम न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। मामला बेहद संवेदनशील है।