बलरामपुर। जिले के 20 ग्राम पंचायत सचिवों व प्रधानों से जवाब तलब किया गया है। सात दिन में संतोषजनक जवाब न देने पर विधिक कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी गई है। खेतों में धान की पराली जलाने की घटना को संज्ञान में लेकर स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
शासन के सैटेलाइट पर पराली जलाने की घटना कैप्चर होने पर कार्रवाई शुरु की गई है। शासन ने डीएम कृष्णा करुणेश को सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। जिले में अभी तक 15 किसानों के खिलाफ केस दर्ज कराकर जुर्माना वसूलने की कार्रवाई शुरू की गई है।
डीएम के निर्देश पर डीपीआरओ नीलेश प्रताप सिंह ने शनिवार को जिले के 20 ग्राम पंचायतों के सचिवों व प्रधानों से उनके गांवों में खेतों में धान की पराली जलाने की घटना को लेकर जवाब तलब किया है। डीएम ने बताया कि शासन ने खेतों में पराली जलाने की घटना को लेकर सख्त कदम उठाया है।
जिले में अब तक 15 किसानों के खिलाफ खेतों में पराली जलाने को लेकर कृषि विभाग के कर्मचारियों ने संबंधित कोतवाली व थानों में केस दर्ज करा दिया है। राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने खेतों की पैमाइश कराकर जुर्माना वसूलने की कार्रवाई शुरू कर दी है। जिन ग्राम पंचायतों के गांवों में पराली जलाने की घटना हुई है वहां के प्रधानों व सचिवों से स्पष्टीकरण मांगा गया है कि उनके गांव में पराली जलाने की घटना कैसे हुई है।
सात दिन में संतोषजनक जवाब न देने पर डीएम ने संबंधित ग्राम पंचायत सचिव व प्रधान के खिलाफ विधिक कार्रवाई किये जाने की चेतावनी दी है। जिले के सभी 800 ग्राम पंचायतों के किसानों की जमीनें सैटेलाइट से जोड़ दी गई हैं। जैसे ही खेतों में पराली जलाने की घटना होती है। तत्काल शासन के सैटेलाइट पर कैप्चर हो जाती है और शासन से जवाब तलब किया जाता है।