बलरामपुर। स्वच्छ भारत मिशन से पंचायतों को साल 2022 में ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) घोषित कर दिया गया। इसके बावजूद पुन: हुए सर्वे में 25,357 परिवार ऐसे चिह्नित हुए जिनके पास शौचालय नहीं मिला। विभागीय अफसरों का कहना है कि संयुक्त परिवार से अलग होकर रहने के कारण ही इन परिवारों ने शौचालय नहीं बनवाए हैं। अब ऐसे लोगों को शौचालय निर्माण के लिए अनुदान दिया जाएगा।
इसके लिए योजना के तहत ग्राम पंचायतों में पात्र व्यक्तियों का चयन होगा। ऐसे वंचित परिवारों को शौचालय निर्माण का अनुदान मुहैया कराने के लिए आवेदन प्राप्त करने को विशेष अभियान चलाया जाएगा। यह आवेदन 18 नवंबर तक प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि 19 नवंबर को विश्व शौचालय दिवस पर पात्रों को शौचालय निर्माण के लिए निर्धारित धनराशि उपलब्ध कराई जा सके।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले 793 ग्राम पंचायतों में व्यक्तिगत व सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया गया है। इस वित्तीय वर्ष भी 25357 पात्रों को व्यक्तिगत शौचालय का लाभ मिलेगा। इसके पूर्व करीब 15 हजार लोगों को शौचालय निर्माण के लिए 12-12 हजार रुपये मिल चुके हैं। स्वच्छ भारत मिशन के जिला समन्वयक योगेश मिश्र ने बताया कि पंचायतों में खुले में शौच की स्थिति को रोकने के लिए छूटे हुए पात्रों को शत प्रतिशत स्तर पर योजना का लाभ मुहैया कराया जाएगा।
ऐसे पूरी होगी कार्ययोजना
- 2 से 4 नवंबर तक छूटे हुए पात्रों काे चिन्हित कर बनेगी सूची।
- 6 से 9 नवंबर तक ग्राम पंचायतों में शिविर लगाकर प्राप्त होंगे आवेदन।
- 10 से 13 नवंबर तक आवेदनों के सत्यापन बाद बीडीओ तैयार करेंगे सूची।
- 14 से 17 नवंबर तक पात्रों को स्वीकृत होगी शौचालय निर्माण की प्रोत्साहन राशि।
- 19 नवंबर को पंचायतों में कार्यक्रम का आयोजन कर पात्रों के खाते में भेजी जाएगी धनराशि।
पंचायत सचिव को दी गई जिम्मेदारी
शासन के निर्देशानुसार स्पेशल ड्राइव के तहत ग्राम सचिव सभी ग्राम पंचायतों में कैंप लगाकर छूटे पात्र लोगों को योजना से लाभान्वित करेंगे। व्यक्तिगत शौचालय के लिए पात्रों से आवेदन भरवाकर 12 हजार रुपये की धनराशि उनके खाते में भेजी जाएगी।
श्रेया उपाध्याय, जिला पंचायत राज अधिकारी