बलरामपुर। रोडवेज बसों के चालक व परिचालक को शार्ट-कट अख्तियार करना अब भारी पड़ेगा। जिले से संचालित होने वाली ज्यादातर बसें ज्यादातर शार्ट-कट अपनाने के चक्कर में निर्धारित बस स्टेशनों पर ठहराव नहीं लेती। इससे यात्रियों को खासी परेशानी उठाना पड़ती है। मनमानी बरतने वाले ऐसे चालकों और परिचालकों पर शिकंजा कसने के लिए परिवहन विभाग अब पांच हजार रुपये तक जुर्माना वसूलेगा।
जिले से डुमरियागंज तक जाने वाली बसें उतरौला में स्थित बस स्टैंड पर नहीं ठहरती हैं। वह चौराहे से ही आगे निकल जाती हैं। बस चालकों का कहना है कि बस स्टैंड बाजार के अंदर है और यात्री तो चौराहे पर ही मिल जाते हैं। वहीं उतरौला जाने वाले उतर भी जाते हैं, बस स्टैंड जाने से समय की बर्बादी होगी। इसी तरह जिले से अयोध्या को जाने वाली बसें बडगांव चौराहे से ही आगे निकल जाती हैं और लखनऊ जाने वाली बसें भी एलबीएल चौराहे से आगे बढ़ जाती हैं। अब ऐसा करना चालक व परिचालकों को भारी पड़ेगा।
एआरएम रोडवेज वीके वर्मा ने सभी बस चालक और परिचालकों को निर्देशित किया है कि वह स्टेशन के अंदर से ही बसों को लेकर आएं। यदि किसी चालक परिचालक के द्वारा बाईपास या शार्ट-कट से बस लाने की शिकायत मिलती है तो उनके खिलाफ जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जाएगी।
विभाग की ओर से अधिकृत न होने के बाद भी बसों को अनाधिकृत ढाबों पर रोकने वाले चालक व परिचालक पर भी अब दो हजार रुपये का जुर्माना लगेगा। एआरएम रोडवेज ने बताया कि इसकी निगरानी के लिए विभागीय स्तर पर निर्धारित बस स्टापेज व अधिकृत ढाबों पर ही बसों का ठहराव सुनिश्चित कराने को नियमित निरीक्षण भी होगा।