बलरामपुर। रेहरा बाजार के फरेंदा खुर्द गांव में रविवार को मिला गिद्ध दुर्लभ सिनेरियस प्रजाति का है। इसे यूरोशियन ब्लैक भी कहा जाता है। गहरे भूरे-काले पंखों व शक्तिशाली चोंच वाला होता है।
आकार में भारत में पाए जाने वाले सामान्य गिद्धों से बड़ा होता है। दुनिया में गिद्धों की सबसे बड़ी प्रजातियों में से एक है। भारत में यह विलुप्त की श्रेणी में है। सोहेलवा वन्य जीव प्रभाग में गिद्धों की सात प्रजातियां पाई जाती हैं। इनमें स्थानीय व प्रवासी दोनों शामिल हैं। इनमें कई प्रजातियां अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ की रेड लिस्ट में गंभीर रूप से संकटग्रस्त के रूप में सूचीबद्ध हैं।
यहां है इस प्रजाति के गिद्ध की अधिकता
सिनेरियस प्रजाति का गिद्ध यूरोप के स्पेन, पुर्तगाल व फ्रांस के कुछ पर्वतीय इलाकों, एशिया के मंगोलिया, चीन, रूस, कजाखिस्तान, कोरिया, तुर्की, अफगानिस्तान व ईरान और भारत में कभी-कभार लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड व अरुणाचल में पाया जाता है।
सोहेलवा में रहने वाले गिद्धों के प्रकार
-ओरिएंटल व्हाइट-रम्प्ड
-स्लेंडर-बिल्ड
-रेड-हेडेड
-इजिप्शियन
प्रवासी गिद्धों के प्रकार
-हिमालयन ग्रिफॉन
-यूरेशियन ग्रिफॉन
-सिनेरियस
सर्दियों में प्रवास करते हैं इस प्रजाति के गिद्ध
यहां दिखने वाले सिनेरियस प्रजाति के गिद्ध सर्दियों में उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में प्रवास करने आ जाते हैं। इनका मूल आवास मध्य एशिया और यूरोप के पर्वतीय शीत प्रदेश होते हैं। सर्दियों में इस प्रजाति के गिद्ध उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में अक्सर आते हैं।
-डॉ. एम. सेम्मारन, वन संरक्षक देवीपाटन मंडल गोंडा