महराजगंज तराई (बलरामपुर)। युवाओं को नौकरी दिलाने के लिए बुधवार को कौवापुर ब्लॉक में आयोजित रोजगार मेला अव्यवस्था की भेंट चढ़ गया। प्रचार-प्रसार न होने से ग्रामीण क्षेत्रों के युवा इसमें शामिल नहीं हो सके। नौकरी की आस लेकर पहुंचे बेरोजगारों ने मेले में नौकरी के नाम पर ट्रेनिंग के लिए पंजीकरण कराने का आरोप लगाया। मेले में कुल 55 युवाओं ने पंजीकरण कराया।
सुबह 10 बजे से अपराह्न एक बजे तक मेले में सन्नाटा दिखा। नौव्वा गांव से आए हिमांशु शुक्ल ने आरोप लगाया कि नौकरी देने के नाम पर यहां खानापूर्ति हो रही है। मेले में लगे स्टॉल पर तैनात कर्मचारी पहले चार से छह माह ट्रेनिंग करने की बात कह रहे हैं। इसीलिए अभिलेख जमा नहीं किए।
महराजगंज तराई निवासी मनीष यादव ने बताया कि बीए कराने के बाद भी काम नहीं मिला, नौकरी की आस में यहां आया हूं, एक दवा कंपनी ने प्रमाणपत्र जमा कर लिया है। बाद में फोन करके ट्रेनिंग के लिए बुलाएंगे, नौकरी कब मिलेगी पता नहीं। बेला गांव निवासी फूलचंद ने बताया कि चार बार मेले में अभिलेख जमा करने के बाद भी नौकरी नहीं मिली। जिला सेवायोजन अधिकारी आशा वर्मा ने बताया कि प्रचार-प्रसार के लिए ब्लॉक कर्मियों को सूचना दी गई थी। मेले में कुल 55 युवाओं ने पंजीकरण कराया है। सत्यापन व प्रशिक्षण के बाद पात्रों को नियुक्ति पत्र दिया जाएगा।