बलरामपुर। उमस भरी भीषण गर्मी के बीच जिले की बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। शहर से लेकर गांव तक लोग अघोषित कटौती, लो वोल्टेज और बार-बार होने वाले फॉल्ट से परेशान हैं। हर्रैया सतघरवा क्षेत्र के करीब 250 गांवों में सोमवार दोपहर से बिजली आपूर्ति ठप है। वहीं जरवा क्षेत्र का एक गांव पिछले 14 दिनों से अंधेरे में है। रेहरा के पेहर फीडर की व्यवस्था भी लगातार खराब चल रही है।
बिजली संकट का असर अब व्यापार, स्वास्थ्य सेवाओं, पढ़ाई और आम जनजीवन पर साफ दिखाई देने लगा है। तुलसीपुर नगर में बदहाल बिजली व्यवस्था के विरोध में व्यापारियों ने जिलाधिकारी को संबोधित चार सूत्रीय ज्ञापन तहसीलदार राकेश कुमार राजपूत को सौंपकर स्थायी समाधान की मांग की।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिला महामंत्री दिलीप कुमार गुप्ता ने कहा कि शिकायतों के बाद भी बिजली व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हो रहा है। महामंत्री रूपचंद्र गुप्ता ने शुगर फैक्टरी स्थित 132 केवी उपकेंद्र से नई बाजार उपकेंद्र तक 33 केवी लाइन जोड़ने की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करने की मांग की। उनका कहना है कि इससे तुलसीपुर नगर समेत आसपास के सैकड़ों गांवों की आपूर्ति में सुधार होगा।
जरवा क्षेत्र के दत्तापुर भगवानपुर गांव में पिछले 14 दिनों से बिजली आपूर्ति ठप है। करीब 800 ग्रामीण अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पहले तार खराब होने और अब ट्रांसफार्मर जलने की बात कहकर समस्या टाली जा रही है। जेई दयाराम ने बताया कि जल्द ही ट्रांसफार्मर बदलवाकर आपूर्ति बहाल कराई जाएगी।
उधर, पचपेड़वा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बारिश के दौरान बिजली गुल होने से मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी। बिजली बाधित होने से लैब जांच प्रभावित हुई और मरीजों को बरामदे में इंतजार करना पड़ा। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अनिल पटेल ने बताया कि जनरेटर की वायरिंग में खराबी आने के कारण समस्या हुई थी, जिसे ठीक कराया जा रहा है।
40 हजार लोगों ने बिना बिजली के रात बिताई
हर्रैया सतघरवा विद्युत उपकेंद्र के चौधरीडीह फीडर का पैनल जलने से करीब 250 गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। सोमवार दोपहर से बिजली न आने के कारण करीब 40 हजार लोगों को उमस भरी रात अंधेरे में गुजारनी पड़ी। उपखंड अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि ओवरलोड के कारण पैनल क्षतिग्रस्त हुआ था। नया पैनल लगाने के बाद नमी के कारण तकनीकी समस्या आ गई, जिसे दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, रेहरा उपकेंद्र के पेहर फीडर से जुड़े पेहर गांव में पिछले 24 घंटे से बिजली गुल है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले एक महीने से फीडर की आपूर्ति अनियमित बनी हुई है। जर्जर तार टूटने और तकनीकी खराबियों के कारण बार-बार बिजली बाधित हो रही है। ग्रामीणों ने जर्जर लाइन बदलने और नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।