बलरामपुर/जरवा/हरैया सतघरवा। जिले में बिजली आपूर्ति व्यवस्था पटरी पर नहीं आ रही है। तकनीकी खराबी और लोकल फॉल्ट के कारण शहर से लेकर गांव तक उपभोक्ताओं को बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। जरवा क्षेत्र के प्रतापपुर गांव में एक माह से बिजली आपूर्ति ठप होने से नाराज ग्रामीणों ने बुधवार को प्रदर्शन कर विरोध जताया।
उपखंड तुलसीपुर के कोइलाबास फीडर से प्रतापपुर गांव में बिजली आपूर्ति होती है। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले एक माह से आपूर्ति बाधित है। इससे करीब 1200 घरों में अंधेरा छाया हुआ है। ग्रामीण अनिल, विक्रम वर्मा, धनेश, पंकज, मनोहर सोनकर, पप्पू मिश्र, राधेश्याम और भोला थारू ने बताया कि एसडीओ और जेई को कई बार सूचना देने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों का आरोप है कि लाइनमैन भी शिकायतों पर ध्यान नहीं देता। जेई को फोन करने पर कॉल रिसीव नहीं की जाती।
उपभोक्ता पंकज ने बताया कि बिजली न होने से उनका ई-रिक्शा चार्ज नहीं हो पा रहा है। इससे उनकी रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है। एसडीओ राजेश कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है। टीम भेजकर बिजली आपूर्ति दुरुस्त कराई जाएगी।
वहीं, हरैया सतघरवा क्षेत्र के विद्युत केंद्र के चौधरीडीह फीडर से भी 24 घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही। उपभोक्ता बाबूलाल, ननके, कृपाराम, कमलेश कुमार, योगेश कुमार, अयोध्या प्रसाद, संदीप कुमार और रमेश कुमार ने बताया कि मंगलवार दोपहर 12 बजे से बुधवार दोपहर 12 बजे तक आपूर्ति बंद रही। भीषण गर्मी और उमस के कारण उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। एसडीओ राजेश कुमार ने बताया कि पैनल का तार जल जाने के कारण आपूर्ति बाधित हुई थी।
चार घंटे बाधित रही शहरी क्षेत्र की आपूर्ति
33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र बलरामपुर टाउन से संबंधित क्षेत्रों में बुधवार दोपहर 12 से शाम चार बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रही। 100 केवीए क्षमता के अतिरिक्त ट्रांसफार्मर की स्थापना के चलते कलेक्ट्रेट परिसर, विकास भवन अधीक्षक कार्यालय, सुहागिनपुरवा, काशीराम आवास, सैनिक कल्याण कार्यालय, अवधूत भगवान आवासीय स्कूल, श्याम बिहार कॉलोनी और अचलापुर वार्ड में आपूर्ति प्रभावित रही।
उपभोक्ता कमलेश, राहुल, रत्नेश और योगेश ने बताया कि शहरी क्षेत्र में भी बिजली कटौती बढ़ गई है। 24 घंटे आपूर्ति का दावा हवाई साबित हो रहा है। अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड पवन कुमार राय ने बताया कि कारोबार योजना 2026-27 में स्वीकृत कार्यों के तहत 100 केवीए क्षमता के अतिरिक्त ट्रांसफार्मर की स्थापना के लिए कुछ क्षेत्रों में आपूर्ति बाधित रही।