बलरामपुर। सभी आरओ इनकोर एप पर हर राउंड की मतगणना फीड कराएंगे। साफ्टवेयर में मतगणना के समय नतीजे दर्ज करने की व्यवस्था की गई है। मंडी समिति परिसर में 10 मार्च को मतगणना की तैयारी की जा रही है। विधानसभा तुलसीपुर के प्रेक्षक तरुण कुमार मुखोपध्याय, गैसड़ी के मोहित बुंदास, उतरौला के राजेश शर्मा व सदर के केएस श्रीनिवास के साथ-साथ संपूर्ण जनपद के प्रेक्षक जयंत जे. नाइकनवाड़े मौजूद रहेंगे। चारों विधानसभा सीटों के प्रेक्षकों की जांच व अनुमति के बाद आरओ इनकोर एप पर हर राउंड का डाटा फीड कराएंगे।
मंडी समिति परिसर के चार हाल में 10 मार्च को ईवीएम में बंद वोटों की गणना कराने के लिए तैयारियां की जा रही है। जिले के चारों विधानसभा सीटों पर तीन मार्च को मतदान के दौरान 1857 ईवीएम व वीवीपैट मशीनों में 792776 वोटरों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। जिसमें 389649 महिला व 403127 पुरुष वोटर शामिल हैं। सदर विधानसभा में 481, उतरौला विधानसभा में 487, तुलसीपुर विधानसभा में 455 और गैसड़ी विधानसभा में 434 ईवीएम व वीवीपैट मशीनों के प्रयोग किए गए हैं। सभी ईवीएम को कड़ी सुरक्षा के बीच भगवतीगंज के मंडी समिति परिसर के स्ट्रांग रूम में रखा गया है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के वोटों की गणना कराने के लिए 14-14 मेज लगाए जाएंगे। प्रत्येक विधानसभा में पड़े 2410 पोस्टल मतपत्रों की गणना के लिए दो-दो मेज लगाए जाएंगे। विधानसभा वार एक-एक क्यूआर कोड के मेज होंगे। दो-दो टेबुल रिजर्व के भी होंगे। चारों विधानसभा क्षेत्रों में कुल 19-19 टेबुल तैयार किए जा रहे हैं।
प्रत्येक टेबुल पर चार-चार कर्मचारी होंगे जिसमें एक-एक मतगणना पर्यवेक्षक, एक-एक मतगणना सहायक, एक-एक अतिरिक्त मतगणना सहायक और एक-एक चतुर्थ श्रेणी कर्मी शामिल होंगे। हर मेज पर एक-एक माइक्रो आब्जर्वर व दो-दो अतिरिक्त माइक्रो आब्जर्वर तैनात किए जाएंगे। सभी विधानसभा क्षेत्र के आरओ व एआरओ की निगरानी में कड़ी सुरक्षा के बीच वोटों की काउंटिंग कराई जाएगी। साफ्टवेयर इनकोर के जरिए ईवीएम में डाले गए वोटों की गिनती होगी। इनकोर साफ्टवेयर में मतगणना के समय नतीजे दर्ज करने की व्यवस्था की गई है।
प्रेक्षकों की अनुमति के बाद दर्ज होगा डाटा
विधानसभा चुनाव के वोटों की मतगणना कराने की तैयारी की जा रही है। प्रेक्षकों की अनुमति के बाद प्रत्येक राउंड के नतीजों का ब्यौरा सभी आरओ व एआरओ इनकोर एप के साफ्टवेयर पर फीड कराएंगे। इनकोर एप के साफ्टवेयर पर डाटा फीड कराने के लिए सभी आरओ व एआरओ को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। श्रुति, डीएम/जिला निर्वाचन अधिकारी