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Balrampur News: बच्चों की कहासुनी के विवाद में बुजुर्ग की पीटकर हत्या

Sat, 11 Jul 2026 10:42 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
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फोटो 39 दयाराम। फाइल फोटो
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श्रीदत्तगंज। क्षेत्र में बच्चों के बीच हुए मामूली विवाद ने शनिवार को खूनी रूप ले लिया। सुबह शिकायत लेकर परिवार थाने पहुंचा था, लेकिन शाम को दोनों पक्षों के बीच फिर विवाद हो गया। इसी दौरान 65 वर्षीय दयाराम की पीटकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि सुबह दी गई शिकायत पर पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई।
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परिजनों के मुताबिक, शनिवार को दयाराम की बेटी की पुत्री सावित्री गांव के पश्चिम स्थित खेतों की ओर भैंस चराने गई थी। वहां पड़ोसी शेषराम के आठ वर्षीय पोते नीरज से उसकी कहासुनी हो गई। दोपहर में नीरज रोते हुए घर पहुंचा और घटना की जानकारी परिजनों को दी। इसके बाद दोनों परिवारों के बीच विवाद शुरू हो गया।

मृतक के नाती बुधराम ने बताया कि खेत में हुए विवाद को लेकर सुबह ही थाने में तहरीर दी गई थी। इसके बावजूद शाम को विपक्षी पक्ष के लोग दोबारा उनके घर पहुंच गए और कहासुनी करने लगे। आरोप है कि शाम करीब साढ़े छह बजे विवाद के दौरान दयाराम बीच-बचाव करने पहुंचे। इसी दौरान आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और गमछे से गला कसकर उनकी हत्या कर दी।
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घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए हैं। प्रभारी निरीक्षक अविरल शुक्ल ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है। मामले में शेषराम, श्यामकला और मनीषा देवी समेत चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।

वहीं, परिजनों का आरोप है कि यदि सुबह दी गई शिकायत पर कार्रवाई होती तो शाम को हुई घटना को टाला जा सकता था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

एक मासूम झगड़े ने छीन लिया परिवार का सहारा

सुबह तक दयाराम अपने परिवार के साथ सामान्य दिनचर्या में थे। किसी ने नहीं सोचा था कि बच्चों की छोटी-सी कहासुनी शाम तक परिवार की सबसे बड़ी त्रासदी बन जाएगी। अब जिस आंगन में रोज चहल-पहल रहती थी, वहां मातम पसरा है।

परिजनों का कहना है कि दयाराम विवाद को शांत कराने और दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन वह खुद हिंसा का शिकार हो गए। नाती बुधराम और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं कि बच्चों के मामूली विवाद ने एक बुजुर्ग की जान ले ली।
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