बलरामपुर। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत बृहस्पतिवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में एक प्रेरक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर अभ्युदय कोचिंग के जिला समन्वयक सचिन सिंह और डायट प्रवक्ता पवन वर्मा ने छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, लक्ष्य निर्धारण तथा व्यक्तित्व विकास के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विभिन्न कोचिंग संस्थानों के चयन और तैयारी की रणनीति पर भी मार्गदर्शन दिया।
कार्यक्रम में जिला समन्वयक सचिन सिंह ने कहा कि जीवन में हमेशा बड़ा लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए और उसे प्राप्त करने के लिए ईमानदारी, अनुशासन और निरंतर मेहनत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। नियमित अध्ययन, समय प्रबंधन और आत्मविश्वास ही सफलता की असली कुंजी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि असफलता से घबराने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए।
डायट प्रवक्ता पवन वर्मा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि सकारात्मक सोच, निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास के बल पर किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से हर दिन कुछ नया सीखने की आदत विकसित करने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए लगातार प्रयास करने की अपील की।
कार्यक्रम में छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया और करियर, पढ़ाई तथा प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े सवाल पूछे। वक्ताओं ने सभी प्रश्नों के सरल और व्यावहारिक उत्तर दिए। छात्राओं ने संकल्प लिया कि वे जीवन में बड़ा लक्ष्य निर्धारित कर उसे प्राप्त करने के लिए निरंतर मेहनत करेंगी।
छात्राओं के सवाल और जवाब
साक्षी वर्मा: प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कब शुरू करनी चाहिए?
उत्तर: जितनी जल्दी तैयारी शुरू की जाए, सफलता की संभावना उतनी ही अधिक होती है।
नंदिनी यादव: पढ़ाई और समय का बेहतर प्रबंधन कैसे करें?
उत्तर: रोज़ाना एक टाइम-टेबल बनाकर उसका नियमित रूप से पालन करें।
प्रिया गुप्ता: असफलता मिलने पर क्या करना चाहिए?
उत्तर: गलतियों से सीख लेकर नए उत्साह के साथ दोबारा प्रयास करें।
अंजलि मिश्रा: आत्मविश्वास कैसे बढ़ाया जाए?
उत्तर: नियमित अभ्यास, सकारात्मक सोच और स्वयं पर विश्वास रखें।
शिवानी सिंह: इंटरव्यू की तैयारी कैसे करें?
उत्तर: विषय का अच्छा ज्ञान रखें, स्पष्ट और आत्मविश्वास के साथ उत्तर दें।