बलरामपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उतरौला में अव्यवस्थाएं हावी हैं। सुबह आठ बजे शुरू होने वाली ओपीडी में समय से डॉक्टर नहीं आ रहे। प्रसव कराने के नाम पर प्रसूता के परिजनों से वसूली करने का आरोप है। वार्ड में भर्ती प्रसूता को न नाश्ता मिला न खाना। कुत्ता काटने पर एआरवी लगवाने के लिए मरीज को सिरिंज बाहर से खरीदकर लानी पड़ी। सीएचसी की मंगलवार सुबह 8.30 बजे जब पड़ताल की गई तो यह हकीकत सामने आई।
छह डॉक्टर सहित 15 स्वास्थ्यकर्मियों की कुर्सी मिली खाली
सुबह 8.30 बजे सीएचसी में अधीक्षक डॉ. सीपी सिंह, डॉ योगेंद्र कुमार, डॉ. विनय कुमार, डॉ. संजय कुमार, डॉ. ऐमन खान व डॉ. झरना रस्तोगी की कुर्सी खाली मिली। फार्मासिस्ट विरेंद्र कुमार गौड़, रामनिवास मौर्य, रामसुधीर भारती, एक्सरे टेक्नीशियन गयासुद्दीन, एलटी अशोक कुमार मिश्रा, एलए तारिक खान, नेत्र परीक्षण अधिकारी विष्णु कुमार, डेंटल हाईजीनिस्ट अशोक शाह व विजय किशोर तिवारी सहित कई कर्मचारी अपने स्थान से गायब मिले। कई कक्षों में ताला लटका मिला। एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी गेट पर बैठा ओपीडी का पर्चा बना रहा था। डॉ. विनय कुमार 8.40 पर अस्पताल पहुंचे। जबकि आरबीएसके टीम के चार डॉक्टर समेत अन्य कर्मचारी सुबह 9.30 बजे तक अस्पताल नहीं पहुंचे थे।
बाहर से खरीदकर लाए सिरिंज
रामपुर नरायपुर गांव से आए शिवलाल ओपीडी में अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। बताया कि एआरवी की दूसरी डोज लगवाने आए हैं, सिरिंज बाहर से मेडिकल स्टोर से खरीद कर लानी पड़ी। 19 वर्षीय बेटी एकता का इलाज कराने आए लालबहादुर, बेटे कार्तिक को लेकर आए रितेश, शकीना व रोशनी सहित कई मरीज ओपीडी में डॉक्टर का इंतजार करते दिखे।
800 रुपये वसूलने का आरोप
एनबीएसयू कक्ष में प्रसूता खुशबुन नहर खातून नवजात के साथ भर्ती थीं। प्रसूता की ननद जन्नतुन्निशा ने आरोप लगाया कि बच्चा होने पर स्वास्थ्यकर्मी 1200 रुपये मांग रही थी। काफी मान-मनौव्वल के बाद 800 रुपये लिए। पति रहमत अली ने बताया कि सोमवार की शाम पांच बजे से मंगलवार की सुबह 9.30 बजे तक अस्पताल से नाश्ता-खाना कुछ नहीं मिला। रात में 350 रुपये का खाना होटल से लाए थे। अब घर जा रहे हैं।
जारी किया जाएगा नोटिस
बीडीओ के साथ होने वाली बैठक की तैयारी करने के कारण सुबह मुझे अस्पताल पहुंचने में थोड़ी देर हो गई थी। अन्य डॉक्टरों के समय से न आने, प्रसूता से वसूली और मरीज को खाना व नाश्ता न मिलने के संबंध में उनको नोटिस जारी कर उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
- डॉ. सीपी सिंह, अधीक्षक सीएचसी उतरौला