बलरामपुर के पीएचसी गुलरिहा हिसामपुर में खाली पड़ी डॉक्टर की कुर्सी।
हरैया सतघरवा (बलरामपुर)। मरीजों का उपचार करने के लिए ग्रामीण अस्पतालों में तैनात डॉक्टर ओपीडी में आते ही नहीं हैं। वे दोपहर बाद होने वाली मीटिंग की आड़ में सुबह से ही नदारद रहते हैं। ऐसे में इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को भटकना पड़ता है। कई मरीज डॉक्टर के न होने पर बिना दवा लिए ही वापस लौट जाते हैं। कुछ ऐसा ही अव्यवस्थित माहौल सोमवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गुलरिहा हिसामपुर में देखने को मिला। यहां डॉक्टर की अनुपस्थिति में फार्मासिस्ट मरीजों का उपचार करता मिला।
दोपहर 1.30 बजे अस्पताल में तैनात एक मात्र चिकित्सक डॉ. राजेश प्रसाद की कुर्सी खाली मिली। फार्मासिस्ट जय प्रकाश मरीजों को देख रहे थे। अस्पताल में तैनात डार्करूम अटेंडेंट राकेश कुमार मरीजों को दवा दे रहे थे। वार्ड बॉय रंजीत कुमार भी अनुपस्थित था। अब तक यहां 32 मरीजों की ओपीडी हो चुकी थी। स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि डॉक्टर मीटिंग में गए हुए हैं, जबकि वार्ड बॉय प्रतिपूर्ति अवकाश पर है।
संतोष कुमार, रिजवान, परवेज छोटका व रजिया ने बताया कि हम लोग डॉक्टर को दिखाने आए थे। लेकिन उनके अस्पताल में न होने पर लौट रहे हैं। अब इलाज के लिए हम लोग पीएचसी कौवापुर जा रहे हैं। चिकित्सक डॉ. राजेश प्रसाद से फोन पर जब बात हुई तो बताया कि मीटिंग थी इसीलिए अस्पताल नहीं पहुंच सका।
गायब रहने पर होगी पूछताछ
सीएचसी तुलसीपुर के अधीक्षक डॉ. सुमंत सिंह चौहान ने बताया कि पहले दोपहर दो बजे के बाद मीटिंग रखी गई थी। लेकिन उसे बाद में निरस्त कर दिया गया। डाॅ. राजेश प्रसाद अस्पताल क्यों नहीं गए इस संबंध में उनसे पूछताछ की जाएगी।