फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खेतों में जलभराव होने पर न करें यूरिया का प्रयोग

विज्ञापन
विज्ञापन
बलरामपुर। खेतों में जलभराव होने पर धान की फसलों में यूरिया की टॉप ड्रेसिंग न करें। जिले में यूरिया की कोई कमी नहीं है। जिले में पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध है। जिला कृषि अधिकारी मनजीत कुमार ने किसानों को धान की फसल में यूरिया की टॉप ड्रेसिंग के लिए सलाह दी है और परेशान न होने की अपील की है।
विज्ञापन

जिला कृषि अधिकारी ने बीते दिन बताया कि अच्छी वर्षा से जिले में धान व अन्य फसल की स्थिति बेहतर है और यूरिया की मांग भी अधिक है। जिला प्रबंधक पीसीएफ बफर गोदाम से प्री पोजिशनिंग स्टॉक से 21 अगस्त को 282 एमटी यूरिया जिले की सहकारी समितियों को भेजा गया था। 22 अगस्त को क्रभको को 629.020 एमटी यूरिया किसानों को वितरित की गई है।
24 अगस्त को निजी क्षेत्र में 657 एमटी और 26 को इफ्को से 600 एमटी यूरिया जिले को प्राप्त हुई है। 27 अगस्त को 11 फर्टिलाइजर की रैक लग चुकी है। 28 अगस्त को नेशनल फर्टिलाइजर की रैक आ गई है। जनपद को आवश्यकता से अधिक यूरिया उपलब्ध हो गई है। अपनी फसल में यूरिया की टॉप ट्रेसिंग जमीन में अधिक नमी होने पर न करें। जितनी यूरिया डालते हैं उनमें से पौधे 25 से 45 प्रतिशत तक ही ले पाते है।
विज्ञापन

यदि अधिक नमी में टॉप ड्रेसिंग करेंगे तो यूरिया की अधिक मात्रा जमीन के नीचे रिसकर चली जाएगी जिसका पौधे कभी उपयोग नहीं कर पाएंगे। जमीन के अनुसार ही उर्वरक का क्रय करें। भारत सरकार की तरफ से प्रतिदिन किसानों को उर्वरक खरीदने की समीक्षा की जा रही है। जमीन से अधिक मात्रा में उर्वरक खरीदने वाले किसान को कालाबाजारी की श्रेणी में रखा जाएगा और जांच में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें