श्रीदत्तगंज। स्थानीय ब्लाॅक में शनिवार को डीएम डॉ. विपिन कुमार जैन की अध्यक्षता में शैक्षिक संवाद संगोष्ठी आयोजित की गई। संगोष्ठी में प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने और निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से हासिल करने के लिए रोडमैप बनाया गया।
डीएम ने कहा कि विद्यालय केवल पठन-पाठन का केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण और उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव हैं। उन्होंने शिक्षकों से प्रत्येक छात्र की सीखने की क्षमता का नियमित मूल्यांकन करने तथा पढ़ने, लिखने और गणितीय दक्षता विकसित करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए। जिन विद्यार्थियों को अतिरिक्त सहयोग की आवश्यकता है, उनके लिए सुधारात्मक शिक्षण संचालित करने पर भी बल दिया। डीएम ने कहा कि कक्षा शिक्षण को गतिविधि आधारित, रुचिकर और सहभागितापूर्ण बनाया जाए।
स्थानीय संसाधनों, टीचिंग लर्निंग मैटेरियल (टीएलएम) और नवाचारों का अधिकतम उपयोग कर बच्चों में सीखने की स्वाभाविक रुचि विकसित की जाए। उन्होंने निपुण भारत मिशन के तहत निर्धारित दक्षताओं की शत-प्रतिशत प्राप्ति को जनपद की प्राथमिकता बताते हुए विद्यालयों में नियमित शैक्षणिक समीक्षा और सतत अनुश्रवण के निर्देश दिए। संगोष्ठी में शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा किए तथा लर्निंग आउटकम में सुधार के लिए अपनाए जा रहे नवाचारों और सफल गतिविधियों पर चर्चा की। बैठक में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विकास चंद्र श्रीवास्तव व खंड शिक्षा अधिकारी अशोक पाठक आदि मौजूद रहे।