बलरामपुर। गैसड़ी विकास खंड के हरनहवा सुस्ता गांव में एक दिव्यांग व्यक्ति को मनरेगा मजदूर बनाए जाने का मामला प्रकाश में आया है। दिव्यांग ने सीडीओ संजीव कुमार को शिकायती पत्र देकर मनरेगा सूची से नाम हटवाने की गुहार की है। गांव के अन्य मनरेगा श्रमिकों ने भी मजदूरी न मिलने और गांव में काम न कराकर बजट में गोलमाल किए जाने का आरोप लगाया है। इन लोगों ने सीडीओ से जांच व दोषियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
सीडीओ को दिए गए शिकायती पत्र में ग्रामीण बुधराम चौहान ने कहा है कि उसका बायां हाथ टेढ़ा है। आंशिक रूप से दिव्यांग होने के कारण उसने छह साल से मनरेगा का कोई काम नहीं किया है। आरोप है कि इसके बाद भी गांव के रोजगार सेवक द्वारा काम दिखाकर उसके खाते में मजदूरी का पैसा भेजा जा रहा है। पैसा भेजने के बाद रोजगार सेवक धमकी देकर उसके खाते से पैसा निकलवा लेते हैं। ग्रामीण राम सबद व मंतराम का आरोप है कि रोजगार सेवक ने जालसाजी करके उनके खाते से मनरेगा मजदूरी का पैसा निकाल लिया है। ग्रामीण कृष्ण कुमार व रामउजागर का आरोप है कि कागज में रामबरन के घर से विजय पाल के खेत तक खड़ंजा लगा दिखाकर पैसा निकाल लिया गया है। जबकि मौके पर कोई खड़ंजा नहीं लगाया गया है। ग्रामीणों ने कागज में हो रहे विकास कार्य का स्थलीय सत्यापन कराकर दोषियों पर कार्रवाई किए जाने की मांग सीडीओ से की है।
प्रकरण की कराई जाएगी जांच
दिव्यांग व्यक्ति को मनरेगा श्रमिक बनाए जाने की शिकायत मिली है। प्रकरण की जांच कराई जाएगी। जांच में दोषी मिलने पर
संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- सतीश चंद्र पांडेय, उपायुक्त मनरेगा बलरामपुर