बलरामपुर। करीब 28 साल के इंतजार के बाद जिले में जिला सहकारी बैंक की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है। शासन ने बलरामपुर डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के गठन को अधिसूचना जारी कर मंजूरी दे दी है। बैंक की स्थापना के लिए 14.90 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसका कार्यक्षेत्र बलरामपुर और गोंडा जिले होंगे।
बैंक की स्थापना की प्रक्रिया पिछले दिनों तेज हुई थी। सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर ने एक अगस्त को बताया था कि नाबार्ड कंसल्टेंसी सर्विसेज से बैंक का डीपीआर तैयार कराया जा चुका है। बैंकिंग लाइसेंस के लिए भारतीय रिजर्व बैंक को प्रस्ताव भेजने की प्रक्रिया भी चल रही है। करीब 14.90 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह प्रदेश का 51वां जिला सहकारी बैंक होगा।
समितियों के माध्यम से किसानों तक पहुंचेगा बैंक
नए बैंक के गठन से दोनों जिलों की सहकारी समितियों को जिला सहकारी बैंकिंग व्यवस्था से सीधे जोड़ने में मदद मिलेगी। सदर विधायक पलटूराम ने बताया कि 20 अगस्त को प्रमुख सचिव सहकारिता की ओर से आदेश जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि बैंक के माध्यम से किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) पर तीन प्रतिशत ब्याज दर पर फसली ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था होगी। इसके अलावा डोर-स्टेप और डिजिटल बैंकिंग जैसी सुविधाएं शुरू किए जाने की योजना है।
फिलहाल बलरामपुर और गोंडा किसी जिला सहकारी बैंक के कार्यक्षेत्र में नहीं हैं। ऐसे में नए बैंक का गठन दोनों जिलों की सहकारी बैंकिंग व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे किसानों और ग्रामीण खाताधारकों को स्थानीय स्तर पर ऋण और अन्य बैंकिंग सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
गांवों में बढ़ेगी बैंकिंग की पहुंच
सहकारी समितियों के डिजिटलीकरण और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत करने की दिशा में भी काम चल रहा है। जिला सहकारी बैंक के गठन के बाद समितियों के माध्यम से किसानों तक कृषि ऋण पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। शासन की मंजूरी के बाद अब बैंक गठन से जुड़ी अगली प्रक्रिया शुरू होगी। बैंकिंग लाइसेंस समेत आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद बैंक का संचालन शुरू किया जाएगा।