डीआईओएस शनिवार सुबह 10:10 बजे मदरसे में पहुंचीं। इस दौरान विद्यार्थी खुले मैदान में घूम रहे थे। वर्गों में अनुशासनहीनता थी। शिक्षक भी अनुपस्थित मिले। जांच में पता चला कि मदरसे में कक्षा एक से 12वीं तक की पढ़ाई हो रही है। प्रबंधक मान्यता संबंधी जानकारी उपलब्ध नहीं करा पाए। कक्षा नौ से 12 तक के 120 विद्यार्थी उपस्थित मिले, लेकिन उनकी उपस्थिति, नामावली और अन्य शैक्षिक अभिलेख में भी खामियां मिलीं।
बंद कराया मदरसा, छात्रों के नामांकन की होगी जांच
जांच में पता चला कि बीते छह वर्षों से मदरसा बिना मान्यता के ही संचालित हो रहा था। ऐसे में बड़ा सवाल है कि विभागीय जिम्मेदार कैसे पूरे मामले को दबाए रखे। डीआईओएस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी है। ऐसे में अन्य अवैध या संदिग्ध रूप से संचालित शैक्षणिक संस्थानों पर भी कार्रवाई की उम्मीद है।
जिले में अब तक 33 अवैध मदरसे
नेपाल सीमा से सटा होने के कारण जिला बेहद संवेदनशील है। ऐसे में अवैध मदरसों पर प्रशासन की विशेष नजर है। यहां बीते मई माह में तीन अवैध मदरसों को ध्वस्त भी कराया गया था। इसके साथ ही नौ मदरसों को सरकारी भूमि पर संचालित होने पर नोटिस दिया गया है। अब तक 33 अवैध मदरसों को बंद कराया जा चुका है। अब एक और नए खुलासे से जिले में एक बार फिर मदरसों की निगरानी शुरू हो गई है।