रास्तों पर भरा पानी, चौपट हुई खेती किसानी
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज तराई/ललिया (बलरामपुर)। पहाड़ी नालों के उफनाने से कई गांवों के लोगों की परेशानी बढ़ गई है। रास्तों पर पानी भर गया है। वहीं, खेती किसानी पर भी असर पड़ रहा है। वहीं प्रशासन ने तीन गांवों के रास्तों पर आंशिक जलभराव की बात कहते हुए अलर्ट का दावा किया है।
बृहस्पतिवार सुबह सात बजे पहाड़ी नालों में उफान आ गया। नाले का जलस्तर बढ़ने से पानी सड़कों पर बहने लगा। पानी देख कर लोग घर का सामान व पशुओं को बचाने में जुट गए। महराजगंज तराई क्षेत्र के शांतिपुरवा, रामगढ़ मैटहवा, विजयीडीह सहित कई गांवों के लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई है। ग्राम प्रधान तुलाराम, मोहम्मद उमर, कुन्ने, सलाम, शंकर यादव व विजय सिंह आदि ने बताया कि रामगढ़ मैटहवा व विजयीडीह गांव के परिषदीय विद्यालयों में पानी भर गया है।
ललिया क्षेत्र के गांवों में पानी भरने से खेतों में लगी धान, सब्जी, गन्ना की लहलहाती फसलें डूब गई है। एक दो दिन में पानी कम नहीं हुआ तो फसल बर्बाद हो जाएगी। उप जिलाधिकारी तुलसीपुर अभय सिंह ने बताया है कि बाढ़ क्षेत्र में लेखपाल को भेज कर निगरानी कराई जा रही है। बाढ़ प्रभावितों की सहायता के लिए टीम तैयार है।
बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं
प्रशासन का दावा है कि जिले में बाढ़ की स्थिति नहीं है। नेपाल राष्ट्र में पहाड़ों पर हुई बारिश के कारण तहसील तुलसीपुर अंतर्गत खरझार पहाड़ी नाले में तेज गति से पानी आने के कारण ग्राम रामगढ़ मैटहवा में रास्तों में आंशिक जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई है तथा आबादी प्रभावित नहीं हुई है। वर्तमान में राप्ती नदी चेतावनी बिन्दु 103.620 मीटर से 1.22 मीटर नीचे हैं। जल स्तर बहुत धीमी गति से बढ़ रहा है। राहत एवं बचाव के लिए जनपद में एक टीम फ्लड पीएसी के साथ ही र्याप्त नावें तथा मोटर बोट्स उपलब्ध हैं।