बलरामपुर। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर रखा है। बृहस्पतिवार सुबह 9 बजे तक कोहरे की मोटी चादर छाई रही, जिससे दृश्यता बेहद कम रही और वाहन रेंग-रेंगकर चले। मौसम विभाग के अनुसार दिन का अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 10 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड किया गया।
कोहरे और ठंड का असर परिवहन पर भी साफ दिखा। कई ट्रेनें अपने तय समय से घंटों विलंब से पहुंचीं। रोडवेज बसों का भी यही हाल रहा। वहीं किसानों के लिए भी ये मौसम चुनौती लेकर आया है। खेतों में खड़ी फसलों पर कोहरे का प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
कोहरे से प्रभावित हो सकतीं हैं फसलें
कृषि वैज्ञानिक डॉ. सियाराम कनौजिया ने बताया कि लगातार गिरते तापमान और घने कोहरे से मसूर, चना और सरसों जैसी रबी फसलों की वृद्धि प्रभावित हो सकती है। उन्होंने किसानों को सुबह सिंचाई न करने और फसलों में रोग नियंत्रण के लिए सतर्क रहने की सलाह दी।
आपदा प्रबंधन ने जारी की एडवायजारी
जिला आपदा प्रबंधक अरुण सिंह ने कहा कि शीतलहर को देखते हुए लोग अनावश्यक यात्रा से बचें। वाहन चालकों को लो-बीम में चलने और धुंध कवर का उपयोग करने की सलाह दी।
बच्चे व बुजुर्ग ज्यादा सावधान रहें
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. देवेशचंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि ठंड में बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। तेज ठंड के कारण खांसी, बुखार और निमोनिया के मामले बढ़ सकते हैं। उन्होंने गर्म कपड़े पहनने, गुनगुना पानी पीने और सुबह की सैर से बचने की सलाह दी।