बलरामपुर। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान को सफल बनाने के लिए मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक हुई। जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए 10 अगस्त को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान के तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आपस में समन्वय बनाकर समय से सभी व्यवस्थाएं पूरी करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक को सभी सरकारी, सहायता प्राप्त एवं निजी विद्यालयों, मदरसों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों के शिक्षकों का समय से प्रशिक्षण कराने के निर्देश दिया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने बताया कि अभियान के तहत एक से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों और किशोर-किशोरियों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जाएगी। जिले में इस वर्ष 15,15,800 बच्चों को दवा देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उन्होंने बताया कि पेट में कृमि होने से कुपोषण, एनीमिया, कमजोरी, पढ़ाई में ध्यान न लगना और रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अभियान का उद्देश्य बच्चों को इन समस्याओं से बचाना है। डीएम ने अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार, दवा की पर्याप्त उपलब्धता, माइक्रोप्लान, निगरानी व्यवस्था तथा प्रत्येक विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र पर निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार दवा वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता एवं नोडल अधिकारी डॉ. बीपी सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।