बलरामपुर। जिले में मौसम सर्द होता जा रहा है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। रविवार को दिन भर धूप निकलने के बावजूद, सोमवार को चली शीतलहर ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया। धूप भी ठंडी हवाओं के कारण अपना असर खो बैठी, जिससे दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
सोमवार को बदली और रात में कोहरे के साथ दिन में भी शीतलहर का अनुभव किया गया। सुबह छह बजे ओस की बूंदें ऐसे गिर रही थीं, मानो बूंदाबांदी हो रही हो। इस दौरान अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। करीब आठ किलोमीटर की गति से चल रही हवाओं ने गलन को और बढ़ा दिया। सुबह 11 बजे के बाद निकली हल्की धूप भी कुछ ही देर टिक सकी और ठंडी हवाओं के कारण बेअसर रही। कड़ाके की ठंड के चलते लोगों को अत्यावश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलना पड़ रहा है, और वे अपना काम जल्दी निपटाकर घर लौट रहे हैं।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. सियाराम कनौजिया के अनुसार, 22 जनवरी तक दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इसके कारण पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी हो रही है, जिसका असर मैदानी इलाकों में भी दिखाई देगा। आने वाले कुछ दिनों तक मौसम में ऐसे ही उतार-चढ़ाव बने रहेंगे और ठंड बढ़ने की आशंका है।
सेहत पर भारी पड़ रही सर्दी, बरतें सावधानी
ठंड के बढ़ते प्रकोप का सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दिख रहा है। जिला मेमोरियल अस्पताल में सर्दी, जुकाम, बुखार और खांसी के मरीजों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। चेस्ट फिजिशियन डॉ. गिरधर चौहान ने बताया कि ठंड और कोहरे के कारण सांस के रोगियों की संख्या भी बढ़ी है। पहले जहां अस्पताल में प्रतिदिन 350 से 400 मरीजों की ओपीडी होती थी, वहीं अब यह संख्या 500 से अधिक हो गई है। इनमें से 200 से अधिक मरीज मौसम जनित बीमारियों से पीड़ित हैं। डॉ. चौहान ने लोगों को ठंड से बचाव के लिए सतर्क रहने, गर्म पेय पदार्थों का अधिक सेवन करने, नियमित अंतराल पर गुनगुना पानी पीने और अपने भोजन में पौष्टिक आहार शामिल करने की सलाह दी है।