-बलरामपुर के शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु
तुलसीपुर। सोमवार, मासिक कजली तीज और गणेश चतुर्थी के दुर्लभ संयोग ने प्रसिद्ध शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर में आस्था का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ पड़ा। भोर होते ही मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों और नेपाल से पहुंचे श्रद्धालुओं ने मां पाटेश्वरी के चरणों में शीश नवाकर परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्य और मंगल की कामना की। पूरा मंदिर परिसर मां के जयकारों और घंटा-घड़ियाल की गूंज से भक्तिमय हो उठा।
श्रद्धालु सृष्टि और रागिनी ने कहा कि मां पाटेश्वरी के दिव्य दर्शन कर उन्हें अद्भुत आत्मिक शांति मिली और मंदिर की सुव्यवस्थित व्यवस्था ने दर्शन को सहज एवं यादगार बना दिया। मां के दर्शन के बाद मंदिर परिसर के बाजारों में भी भारी भीड़ रही। महिलाओं ने चूड़ी, बिंदी, सिंदूर, रोली और अन्य पूजन व शृंगार सामग्री की खरीदारी की, जबकि बच्चों ने खिलौने, झूले और मिठाइयों का आनंद लिया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुरक्षा, पेयजल, साफ-सफाई और कतारबद्ध दर्शन की व्यापक व्यवस्था की गई थी। स्वयंसेवकों और सुरक्षाकर्मियों ने पूरे दिन व्यवस्था संभाले रखी, जिससे दर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए।
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मां के दर्शन से होते सब विघ्न दूर
मंदिर के पुजारी विशेषनाथ योगी ने बताया कि सोमवार, कजली तीज और गणेश चतुर्थी का एक साथ पड़ना अत्यंत शुभ और दुर्लभ संयोग है। इस दिन मां पाटेश्वरी तथा भगवान श्रीगणेश की आराधना करने से सभी विघ्न दूर होते हैं और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। कजली तीज का व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए देवीपाटन शक्तिपीठ में दर्शन का विशेष धार्मिक महत्व है। मंदिर व्यवस्था प्रभारी अरुण गुप्ता ने बताया कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए।