बलरामपुर। शारदीय नवरात्र के छठवें दिन शुक्रवार को मां दुर्गा की छठवीं शक्ति मां कात्यायनी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर सहित जिले के प्रमुख देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। भक्तों ने दर्शन-पूजन के साथ बच्चों का मुंडन, विद्यारंभ, यज्ञोपवीत व अन्नप्राशन संस्कार कराया।
तुलसीपुर स्थित शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर में दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मां पाटेश्वरी के दरबार में मत्था टेका। सुबह से लंबी कतारें लगी रहीं। मंदिर व्यवस्था से जुड़े अरुण गुप्ता ने बताया कि भीड़ को देखते हुए इंतजाम किए गए थे। मुंडन व्यवस्था संभाल रहे भोला मोदनवाल ने बताया कि परिवारों की सुविधा के लिए विशेष पंडाल बनाए गए थे। मुख्य पुजारी रामनाथ योगी ने कहा कि मां कात्यायनी की आराधना से भक्तों को धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है। श्रद्धालुओं ने मेले में खरीदारी भी की।
बिजलीपुर गांव स्थित मां बिजलेश्वरी देवी मंदिर, धुसाह के समय माता मंदिर, झारखंडी मंदिर, हरिहरगंज समय माता मंदिर और गैंसड़ी के रहिया देवी मंदिर में भी पूजन-अर्चन हुआ। मानपुर, मधनगर, भैंसहवा व नरचहवा सहित कई गांवों में पूजा पंडाल सजाए गए। उतरौला, महुआबाजार, महदेइया बाजार और चमरूपुर में जागरण व भंडारे हुए।
डांडिया और सुंदरकांड से भक्तिमय हुआ माहौल
नगर के नईबस्ती मोहल्ले में श्री दुर्गा पूजा महोत्सव समिति ने डांडिया कराया। अध्यक्ष शिवम मौर्य, महामंत्री अमन मौर्य, आकाश श्रीवास्तव और अमन श्रीवास्तव ने पुरस्कार दिए। छोटा धुसाह के राधाकृष्ण मंदिर में जय मां दुर्गा पूजा सेवा समिति ने सुंदरकांड पाठ कराया। कोषाध्यक्ष अशोक मिश्र बब्लू ने बताया कि दुर्गा अष्टमी पर कन्या भोज और महाआरती थाल प्रतियोगिता होगी। संरक्षक डॉ. प्रांजल त्रिपाठी, संयोजक अशोक पांडेय, महासचिव अभिषेक सिन्हा, सचिव आशुतोष मिश्र, संगठन मंत्री शिवचरन लाल, उपाध्यक्ष राजकुमार गुप्त, शिवांश ओझा और भारत वर्मा सहित श्रद्धालु मौजूद रहे।