फोटो-14-बलरामपुर के देवीपाटन मंदिर में लगी श्रद्धालुओं की भीड़ ।-संवाद
तुलसीपुर। देवीपाटन मंदिर में बुद्ध पूर्णिमा का पर्व गहरी आस्था और उल्लास के बीच मनाया गया। तड़के कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं और देखते ही देखते पूरा मंदिर परिसर भक्तों से खचाखच भर गया। जय माता दी और बुद्धं शरणं गच्छामि के उद्घोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने पहले पवित्र सूर्य कुंड में स्नान किया, इसके बाद मां पाटेश्वरी के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। दिन भर दर्शन-पूजन का सिलसिला लगातार जारी रहा। लखनऊ से पहली बार दर्शन करने आए अमित श्रीवास्तव ने बताया कि बुद्ध पूर्णिमा के दिन यहां की आध्यात्मिक ऊर्जा ने उन्हें अभिभूत कर दिया। उनके साथ आए विकास वर्मा ने कहा कि मां के दर्शन मात्र से ही मन को असीम शांति मिली है। वहीं स्थानीय श्रद्धालु सरिता सिंह ने कहा कि इस दिन शक्तिपीठ में दर्शन करना विशेष पुण्यदायी माना जाता है।
देवीपाटन मंदिर सर्वधर्म समभाव का प्रतीक
व्यवस्थापक अरुण गुप्ता ने बताया कि बुद्ध पूर्णिमा शांति और अहिंसा का संदेश देती है और देवीपाटन मंदिर सदैव से सर्वधर्म समभाव का प्रतीक रहा है।श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अतिरिक्त सेवादारों और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई, जिससे दर्शन व्यवस्था सुचारु बनी रही। इस अवसर पर स्थानीय लोगों के अलावा नेपाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे।