फोटो-5-बलरामपुर के देवीपाटन मेले में खरीदारी करते लोग ।-संवाद
तुलसीपुर। शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर में एक माह तक चलने वाला चैत्र नवरात्र मेला श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हो गया। मेले के अंतिम दिन मां पाटेश्वरी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ा। इस वर्ष मेले की खास रौनक सीमा पार से आए हजारों नेपाली श्रद्धालुओं ने बढ़ाई।
सुबह से ही मंदिर परिसर जयकारों से गूंजता रहा और लंबी कतारें लगी रहीं। मेले ने स्थानीय व्यापार को भी मजबूती दी। खिलौना विक्रेता असलम खान ने कारोबार में वृद्धि की बात कही। शृंगार सामग्री विक्रेता राम स्वरुप ने बताया कि नेपाली श्रद्धालुओं ने चूड़ियों और हस्तशिल्प की खरीदारी की। भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के इंतजाम किए। स्थानीय श्रद्धालु विकास कुमार ने कहा कि भीड़ के बावजूद दर्शन सुगम रहे। गोंडा से आए सुमित अवस्थी ने गुड़-गट्टा और चरखी झूलों को बच्चों के लिए आकर्षण बताया।
भारत-नेपाल आस्था का संगम
मेले में नेपाल से श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने इसे विशेष बना दिया। काठमांडू के रमेश थापा ने देवीपाटन मंदिर के प्रति नेपालियों की गहरी आस्था का जिक्र किया। बताया कि वे हर साल सुख-शांति के लिए यहां आते हैं। कपिलवस्तु की सुशीला मगर ने मेले की बेहतर व्यवस्थाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए यह यात्रा एक उत्सव के समान थी।
मेला अवधि बढ़ाने की मांग
चैत्र नवरात्र मेले से स्थानीय कारोबारियों को काफी लाभ हुआ। मेले के समापन पर श्रद्धालुओं ने इसकी अवधि बढ़ाने की मांग उठाई। रमेश, योगेश, सनी, सुखई, धनीराम आदि कई श्रद्धालुओं ने कहा कि मेले से अभी मन नहीं भरा।