जिला प्रशासन के अनुसार नवरात्र के नौ दिनों में करीब 25 लाख से अधिक श्रद्धालु मां पाटेश्वरी के दर्शन के लिए पहुंच सकते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, पेयजल, स्वास्थ्य सेवा, आवागमन, वाहन खड़े करने की व्यवस्था पर जोर रहेगा। यहां बड़ी संख्या में नेपाल से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में सुरक्षा पर विशेष जोर रहेगा।
नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों पर विशेष नजर
नेपाल सीमा से सटे होने के कारण जिला बेहद संवेदनशील है। मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा को लेकर भी अधिकारियों को सचेत किया। तस्करी, अवैध आवाजाही और घुसपैठ जैसी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पुलिस और सीमा सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री के दो दिवसीय प्रवास के दौरान सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था भी चर्चा का प्रमुख विषय रही। माना जा रहा है कि नेपाल में हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों को देखते हुए सीमावर्ती जिलों में सतर्कता बढ़ाने की आवश्यकता है। इसी के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सक्रिय रहने के निर्देश दिए।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री के सख्त रुख के बाद अवैध गतिविधियों में शामिल गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई और तेज हो सकती है। सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी भी बढ़ाई जा सकती है।
सीएम ने पखारे मां पाटेश्वरी के पांव
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर में पूजन-अर्चन किया। मां के पांव पखारने के साथ ही आरती उतारी। गोशाला में पहुंच गोवंशों को गुड़- चना और हरा चारा खिलाया। इसके बाद वह अयोध्या रवाना हो गए।
मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार सुबह करीब सात बजे मंदिर के गर्भगृह पहुंचे, जहां उन्होंने मां के चरणों में शीश नवाकर प्रदेश और देश के कल्याण की कामना की। इसके बाद गुरु गोरखनाथ की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। दर्शन-पूजन के बाद मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने परिसर स्थित सूर्यकुंड की व्यवस्था भी देखी। सुबह करीब 9:15 बजे मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से अयोध्या के लिए रवाना हुए।